सीएम जयराम व मंत्रियों ने एक माह का वेतन कोविड फंड में दिया।
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हिमाचल प्रदेश में एक मई से 18 साल से ऊपर आयु वर्ग के लोगों को कोरोना वैक्सीन मुफ्त लगाई जाएगी। कर्फ्यू लगाना है या धारा 144, इसके बारे में सरकार से परामर्श कर जिलों के उपायुक्त खुद निर्णय लेंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश में कंपनियां जो कोरोना वैक्सीन बना रही हैं, उनसे अभी 50 फीसदी की खरीद सरकार करेगी, जबकि 50 फीसदी निजी सेक्टर खरीदेगा। यह फैसले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में गुरुवार को शिमला में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में लिए गए। कैबिनेट में फैसला लिया गया कि होम आइसोलेट कोरोना मरीजों को सरकार की ओर से न्यूट्रिशन किट पहुंचाई जाएगी।
कोविड-19 महामारी के दौरान सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रति शिफ्ट 200 रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की कैबिनेट ने घोषणा की। बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की गई। इसमें निर्णय लिया गया कि प्रदेश सरकार के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी टीकाकरण के लिए आगे आएंगे और जहां तक संभव हो, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड का टीका लगवाएंगे। होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 रोगियों को बेहतर उपचार सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से खंड स्तर पर मोबाइल टीमें गठित करने का निर्णय लिया गया है। गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में स्थानांतरित करने के लिए एक वाहन विशेष रूप से उपलब्ध करवाया जाएगा। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 मामलों की निगरानी के लिए वरिष्ठ चिकित्सक की अगुवाई में एक समर्पित टीम तैनात की जाएगी।
हिमाचल के लोगों के लिए आने वाले 20 दिन अति सवेंदनशील है। इन्हीं दिनों में तय होगा कि मामले घटेंगे या फिर स्थिति खराब होगी। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने गुरुवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश में कोरोना की स्थिति पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना से निपटने के पुख्ता इंतजाम हैं। कोरोना मरीजों के उपचार के लिए वरिष्ठ डॉक्टर तैनात किए गए हैं। घरों में आइसोलेट मरीजों की निगरानी की जा रही है। 70 फीसदी स्टाफ फील्ड में तैनात है। अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या काफी है। अस्पतालों में 900 के करीब मरीज उपचाराधीन है। हिमाचल में कोरोना से मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है।
प्रदेश में ज्यादा उन लोगों की मौत हो रही है जो कैंसर, किडनी, दिल जैसी अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल में 70 से 80 फीसदी ऐसे कोरोना मरीज हैं जिनमें लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। लेकिन वह अन्य लोगों को संक्रमित करते हैं। 20 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जोकि हल्के लक्ष्ण वाले हैं। इसमें लोगों को बुखार, जुखाम, शरीर में दर्द है। यह भी घरों में आइसोलेट है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऊना, हमीरपुर, शिमला, सोलन और मंडी के कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। हिमाचल में तीन हजार बिस्तर कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित है। जरूरत पड़ने पर बिस्तरों की क्षमता को बढ़ाया जाएगा।