चुनावी इंतजामों को लेकर बुधवार को मुख्य सचिव रामसुभग सिंह की अध्यक्षता में रिकांगपिओ में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू, किन्नौर विधानसभा क्षेत्र के सामान्य पर्यवेक्षक डॉ. संजय गोयल, जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त अपूर्व देवगन विशेष रूप से मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि भारत चुनाव आयोग के जारी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित बनाएं। रात्रि के समय तैनात विभिन्न दस्तों की पेट्रोलिंग को बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए। चुनाव के दौरान मतदाताओं को दिए जाने वाले विभिन्न प्रलोभनों पर भी कड़ी नजर रखी जाए।
वाहनों की नियमित रूप से जांच की जाए। उन्होंने क्षेत्र में ताजा हिमपात की आशंका पर मैनपॉवर और मशीनरी दोनों को ही तैयार रखने को कहा। डीजीपी संजय कुंडू ने सुरक्षा समीक्षा की। जिला निर्वाचन अधिकारी देवगन ने बताया कि जिले में कुल 57,728 मतदाता मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसके लिए 129 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसमें 3 सहायक मतदान केंद्र भी शामिल हैं। चुनाव प्रक्रिया में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 28 अक्तूबर को सभी मतदान पार्टियां अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगी।
लाहौल स्पीति और पांगी के 500 एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) मंडी लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव का बहिष्कार करेंगे। मांगें पूरी न होने से एसपीओ मुखर हो गए हैं। 18,000 रुपये वेतन की मांग को अभी तक किसी भी सरकार ने पूरा नहीं किया है। दो महीनों से एसपीओ को वेतन तक नहीं मिला है। इसकी वजह से उनकी दशहरा और करवाचौथ की खुशियां अधूरी रह गई हैं। उन्हें बिना वेतन दिवाली की चिंता भी सता रही है।
एसपीओ कल्याण समिति के राज्य अध्यक्ष श्याम ठाकुर ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के साथ लगने वाले बॉर्डर में एसपीओ पूरी ईमानदारी के साथ ड्यूटी दे रहे हैं। लेकिन, उन्हें नियमित रूप से महज सात हजार रुपये वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के अलावा अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव का भी बहिष्कार किया जाएगा।