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मलाणा अग्निकांड़: आंखों के सामने राख के ढेर में बदल गए आशियाने, सुबह तक उठती रहीं लपटे

Wed, 27 Oct 2021 06:38 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू

सार

मंगलवार रात एक बजे के बाद जब मलाणा के धाराबेहड़ में आग भड़की तो देखते ही देखते आग ने अन्य मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग के भयानक रूप धारण करने के बाद गांव में अफरातफरी का माहौल हो गया। लोग आग पर काबू पाने के लिए प्रयास करते रहे, लेकिन लकड़ी के मकान होने के कारण लगातार फैल रही थी।
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मलाणा गांव में आग का तांडव। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में स्थित विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक मलाणा गांव के लोगों के लिए मंगलवार की रात कयामत बनकर सामने आई। गांव में भीषण आग लगने से काष्ठकुणी शैली के 16 मकान इसकी चपेट में आ गए। आग से नौ करोड़ रुपये की संपत्ति राख होने का अनुमान है। 150 लोग आग से प्रभावित हो गए। आग का मंजर ऐसा भयानक था कि देखकर हर किसी के रौंगटे खड़े हो जाए। जब आग पर काबू पाया गया तब तक ग्रामीणों के आशियाने राख के ढेर में बदल चुके थे। कुछ घंटों में कई परिवारों की जीवनभर की पूंजी जल गई। मंगलवार रात एक बजे के बाद जब मलाणा के धाराबेहड़ में आग भड़की तो देखते ही देखते आग ने अन्य मकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
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आग के भयानक रूप धारण करने के बाद गांव में अफरातफरी का माहौल हो गया। लोग आग पर काबू पाने के लिए प्रयास करते रहे, लेकिन लकड़ी के मकान होने के कारण लगातार फैल रही थी। दमकल विभाग को सूचना दी गई। कुल्लू से पुलिस व दमकल की टीमें मौके के लिए रवाना हुईं, लेकिन 60 किलोमीटर का सफर तय करने में टीम को समय लगा। इसके बाद टीम करीब एक घंटे के पैदल रास्ते के सफर को पूरा कर मलाणा पहुंची। स्थानीय लोगों, बचाव दल और दमकल कर्मियों के सहयोग से सुबह तक आग को बुझा लिया गया। 
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 बताया जा रहा है कि ग्रामीण अपने घरों से कुछ नहीं निकाल पाए। ऐसे में लोगों के पास अपनी जान बचाने के लिए सिवाय दूसरा कोई चारा नहीं था। कई घरों से ग्रामीणों ने रात के समय ही मवेशियों को भी निकाला। मलाणावासियों के आशियानों से रातभर आग की लपटें उठती रहीं। जले हुए आशियाने देखकर प्रभावितों की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। घटना का जायजा लेने के लिए सुबह उपायुक्त आशुतोष गर्ग, पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। उन्होंने लोगों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। कई संस्थाओं के लोग भी मलाणा पहुंचे। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि टीमों को सूचना मिलने के बाद ही रवाना किया गया था। मलाणा गांव में हुए अग्निकांड के बाद राहत व कार्यों का जायजा लिया गया है।  
 
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शार्ट सर्किट के चलते मलाणा गांव में लगी आग 

ऐतिहासिक गांव मलाणा में आग से 57 परिवार प्रभावित हुए हैं। शाट सर्किट के चलते आग भड़की। इसने मलाणा के धाराबेहड़ में 17 घरों और एक दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग की शुरुआत सई राम पुत्र शुक्रु राम निवासी मलाणा के घर से हुई। इसके बाद अन्य साथ लगते घरों में आग फैल गई।आग में मोती राम पुत्र रीडू राम, नामो देवी पुत्री आयतु राम, कृष्ण कुमार पुत्र भागी राम, देवा राम पुत्र ललिया, बुध राम पुत्र चंदे राम, बही राम पुत्र मनी राम, मनीराम पुत्र बही राम, गयाहरी देवी पत्नी सही राम, तुलसी राम पुत्र ललिया राम, नांडा राम पुत्र हीरा लाल, बालक राम पुत्र बही राम, सुई राम पुत्र आयतु राम, जालफू राम पुत्र सही राम, पूर्ण चंद पुत्र सही राम, सोभी देवी पुत्री सही राम, जगदीश पुत्र सही राम, हीरा राम पुत्र बुध राम, चुहड़ू राम पुत्र सही राम, मोती राम पुत्र शुक्रु राम, सही राम पुत्र शुक्रु राम, मगडू राम पुत्र नायडू राम, दौलत राम पुत्र सही राम का मकान आग की भेंट चढ़ गया।

मलाणा के धाराबेहड़ के इन परिवारों के पास रहने के लिए कोई छत नहीं है।  परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। हालांकि कई लोग व संस्थाएं इनकी मदद को आगे आए हैं। प्रशासन की ओर से भी प्रभावित 57 परिवारों को राशन किट, बर्तन देने के साथ रहने के लिए तिरपाल दिए गए हैं। इसके नीचे प्रभावित परिवार रात बिता सकेंगे। कई प्रभावित परिवारों ने दूसरों के घरों में भी शरण ली है। इसके साथ प्रति परिवार प्रभावित को पांच हजार की फौरी राहत भी दी गई है। एसपी गुरदेव शर्मा ने कहा कि आग की घटना में 17 मकान और एक दुकान जल गई है। आग की घटना का कारण शार्ट सर्किट होना पाया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। 
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