मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू
- फोटो : अमर उजाला
किसी भी मामले की शिकायत आने पर उसकी जांच जरूर कराई जाती है। जिन मामलों में विस्तृत रिपोर्ट की जरूरत है, उनमें समय लगता है लेकिन ज्यादातर मामलों की जांच के बाद आयोग के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाती है। अब अगर किसी दल या नेता को यह लगे कि उसकी शिकायत पर कार्रवाई हो ही जाए तो यह संभव नही। रिपोर्ट के आधार पर ही आयोग निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई को लेकर फैसला लेता है।
कोविड में मतदान से लेकर मतगणना तक भीड़ नियंत्रण को लेकर क्या तैयारी है?
कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सिस्टम के साथ आम आदमी की भी जिम्मेदारी है। आयोग ने कोविड के चलते ही इस बार हर हजार मतदाता पर एक मतदान केंद्र बनाया है ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके। साथ ही मतदान केंद्र पर सैनिटाइजर, मास्क, दो गज की दूरी के लिए पहले ही निर्देश दिए गए हैं। मतगणना के लिए भी निर्णय लिया गया है कि पहले से इतर इस बार सात टेबल ही लगाए जाएंगे। चूंकि इस बार प्रत्याशी भी कम है तो पोलिंग एजेंट भी कम होंगे। परिणाम के बाद जश्न या जुलूस पर पहले ही प्रतिबंध लगाया गया है। कोविड मरीजों के लिए पांच से छह बजे के बीच मतदान की विशेष व्यवस्था की गई है।