प्रदेश में मत्स्य पालन के लिए तालाब बनाने को 80 फीसदी उपदान दिया जाएगा। मत्स्य पालकों को तालाब बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। निजी क्षेत्र में 20 हेक्टेयर नए मत्स्य पालन तालाबों का निर्माण किया जाएगा। किसानों के समूहों को बैंकों से 2 फीसदी की दर से त्रण उपलब्ध करवाया जाएगा।
प्रदेश में 120 नई ट्राउट इकाइयों का होगा निर्माण
प्रदेश में 120 नई ट्राउट इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। 5 लघु बायोप्लाक मत्स्य पालन इकाइयां, 2 ट्राउट हैचरी, 3 मछली फीड मिलें और एक बर्फ संयंत्र बनेगा। पांच करोड़ रुपये की लागत से एक प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। इसमें 600 मछुआरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। मछुआरों को 1000 जाल दिए जाएंगे। प्रदेश के 12 हजार परिवार मछली उत्पादन से जुड़े हैं। इस क्षेत्र में 500 युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। किसानों के समूहों को बैंकों से 2 फीसदी की दर से ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आगामी सीजन में 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का फैसला लिया है। इस फैसले से किसानों को फसल के उचित दाम मिल सकेंगे। वर्ष 2007 में कांग्रेस सरकार की ओर से शुरू की गई दालों व अन्य खाद्यानों पर दी जा रही अनुदान राशि पर सरकार आगामी वर्ष में 265 करोड़ रुपये खर्च करेगी।