प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की लेटलतीफी पांच हजार युवाओं के लिए परेशानी खड़ी कर रही है। बोर्ड से दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन का कोर्स करने वाले आवेदक मझधार में फंस गए हैं। डीएलएड की काउंसलिंग में चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी करने में बोर्ड आवेदकों को तारीख पर तारीख दे रहा है, जबकि चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी नहीं की जा रही है।
बोर्ड की इस कार्यप्रणाली से प्रदेश के हजारों युवा परेशान हैं। डीएलएड का बैच बिठाने के लिए धीमी गति से चल रही इस प्रक्रिया का ही नतीजा है कि 26 जुलाई को बोर्ड ने डीएलएड के लिए प्रवेश परीक्षा ली थी, जबकि करीब दो माह बाद 15 सितंबर को परिणाम निकाला गया। लगभग तीन माह बाद 11 दिसंबर से बोर्ड ने काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की।
20 दिसंबर तक ऑनलाइन काउंसलिंग को आवेदन करने की तिथि निर्धारित की, जबकि इसके तीन दिन बाद चयनित अभ्यर्थियों की सूची बोर्ड ने जारी करनी थी। बाद में बोर्ड ने आवेदन की तिथि 28 दिसंबर कर दी। साथ ही चयनित अभ्यर्थियों की सूची 31 दिसंबर तक जारी करने को कहा। बाद में बोर्ड ने चार जनवरी को चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक बोर्ड नेे चयनित अभ्यर्थियों की सूची वेबसाइट पर नहीं डाली है।
शायद बढ़ गया है काम का बोझ
बोर्ड से जुड़े सूत्रों की मानें तो मैट्रिक, जमा दो की वार्षिक परीक्षाओं के साथ एसओएस की आठवीं की वार्षिक परीक्षाएं, इन सभी कक्षाओं की कंपार्टमेंट परीक्षाएं, नौंवी और जमा एक के लिए प्रश्नपत्र भेजना सहित डीएलएड की प्रवेश परीक्षा और अन्य प्रक्रिया को पूरा करने का काम पहले ही बोर्ड के पास है। टेट लेना भी बोर्ड के कार्य क्षेत्र में है। इसके अतिरिक्त पंचायत सचिव भर्ती, स्टेट कोऑपरेटिव बैंक परीक्षा, केसीसी बैंक परीक्षा भी बोर्ड ने ली है।
इसके चलते बोर्ड पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसी का नतीजा है कि परीक्षाओं के परिणाम देने में बोर्ड को देरी हो रही है। स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव विनय धीमान ने बताया कि दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन के कोर्स के लिए चयनित अभ्यर्थियों को दिए संस्थानों की वेरिफिकेशन चल रही है। सोमवार तक चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी जाएगी।