हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिलाने का मामला गुरुवार को सदन में गूंजा। शिलाई से कांग्रेस विधायक हर्षवर्द्धन चौहान और रेणुका से कांग्रेस विधायक विनय कुमार ने इस मसले पर सरकार की ओर से अब तक किए गए प्रयासों का विवरण मांगते हुए सरकार को जमकर घेरा।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सिरमौर जिले के हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिलाने का मामला गूंजा। शिलाई से कांग्रेस विधायक हर्षवर्द्धन चौहान और रेणुका से कांग्रेस विधायक विनय कुमार ने इस मसले पर सरकार की ओर से अब तक किए गए प्रयासों का विवरण मांगते हुए सरकार को जमकर घेरा। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हाटी समुदाय के लिए कांग्रेस सही मायनों में चिंतित होती तो इन्हें जनजातीय दर्जा पहले ही मिल जाना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा दृष्टिकोण सकारात्मक है। गिरिपार के लोगों की मांग जायज है। केंद्र सरकार के समक्ष इस मामले को गंभीरता से उठाया जा रहा है।
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प्रश्नकाल के दौरान जनजातीय मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि गिरिपार में जनजातीय आबादी नहीं रहती है। केवल गुज्जरों की 0.20 फीसदी जनजातीय आबादी रहती है। अगर किसी भी क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र का दर्जा देना होता तो वहां पर इस वर्ग की कुल आबादी 50 फीसदी से अधिक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में एसटी का दर्जा देने की बात कही थी, अपने वादे को पूरा किया जाएगा। राज्य सरकार ने मौजूदा कार्यकाल में 14 बार केंद्र के साथ मामला उठाया है। पूर्व कांग्रेस सरकार ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के जनजातीय अध्ययन के माध्यम से स्टडी करवाई। केवल आधी अधूरी रिपोर्ट केंद्र को भेजी।
वर्तमान सरकार ने एथनोग्राफिक्स सर्वे रिपोर्ट भी भिजवाई। पहले कोई भी समुदाय एसटी घोषित होता है, इसके बाद एरिया शेड्यूल घोषित होता है। किन्नौर और चंबा के पांगी, भरमौर में ऐसा ही हुआ। 1956 में एसटी का दर्जा मिला और 1976 में शेड्यूल एरिया घोषित हुआ। कांग्रेस ने पहले प्रदेश के कई क्षेत्रों जैसे मलाणा, चौहार, छोटा-बड़ा भंगाल, डोडरा क्वार का प्रस्ताव केंद्र को भेजा। इससे गिरिपार को लाभ नहीं मिल सका। इससे पूर्व विधायक हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि भाजपा ने चुनावी वादा किया था। 2014 में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने और इसके बाद 2019 में हरिपुरधार में केंद्रीय जनजातीय मंत्री ने घोषणा की थी। लेकिन आज तक लोगों को राहत नहीं मिली है।