फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल विधानसभा सत्र: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- ड्रग्स के खिलाफ सरकार ने अपनाई जीरो टॉलरेंस की नीति

Thu, 21 Dec 2023 08:08 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार से नशीले पदार्थों के नियंत्रण से संबंधित सभी एजेंसियों के सशक्तीकरण के लिए संस्थागत ढांचे को मजबूत करने के लिए एनडीपीएस एक्ट 1985 में संशोधित करने की सिफारिश की गई है। 
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। केंद्र सरकार से नशीले पदार्थों के नियंत्रण से संबंधित सभी एजेंसियों के सशक्तीकरण के लिए संस्थागत ढांचे को मजबूत करने के लिए एनडीपीएस एक्ट 1985 में संशोधित करने की सिफारिश की गई है। उन्होंने यह जानकारी विधायक दीपराज और कुलदीप सिंह पठानिया की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में चिट्टे का अधिक प्रभाव है, वहां पुलिस अधिकारियों पर तीन साल का कार्यकाल लागू नहीं होता है।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि 1 जनवरी से 15 नवंबर तक नशीले पदार्थों से पांच मौतें हुई हैं। गृह मंत्रालय ने समन्वय स्थापित करने के लिए नार्को समन्वय केंद्र तंत्र की संरचना की है। इसमें चार कमेटियां गठित की गई हैं। इसमें शीर्ष स्तरीय नार्को समिति, कार्यकारी नार्को, राज्य स्तरीय नार्को और जिला स्तरीय नार्को समिति शामिल है। उन्होंने कहा कि नशे पर अंकुश लगाने के लिए प्रत्येक पुलिस थाना स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन किया गया है। नशा मुक्त हिमाचल मोबाइल ड्रग फ्री एप शुरू की गई है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

30 नवंबर तक पकड़े गए नशीले पदार्थों की मात्रा
हेरोइन 13.854 किलो, अफीम 34.538 किलो, गोलियां 52778 नंबर, कैप्सूल 41783 ग्राम, अफीम डोडा 3.188 किलो, स्मैक 133.572 ग्राम, चरस 304.792 किलो।

एक साल में नशीले पदार्थों के सेवन से हुई पांच लोगों की मौत
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि जनवरी से 15 नवंबर 2023 तक प्रदेश में पांच लोगों की मौत नशीले पदार्थों के सेवन से हुई है। इस वर्ष 1526 मामले न्यायालयों में भी लंबित हैं। विधायक दीपराज, मलेंद्र राजन और कुलदीप सिंह राठौर के सवाल का लिखित में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में नशे की रोकथाम के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 के प्रावधानों को कठोरता से लागू किया जा रहा है। गृह मंत्रालय द्वारा समन्वय स्थापित करने के लिए नार्को समन्वय केंद्र तंत्र की संरचना की गई है। प्रदेश पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है। नशा निवारण बोर्ड का गठन किया गया है। नशा तस्करों की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 1908 को शुरू किया गया है। पुलिस थाना स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन किया गया है। 
विज्ञापन


शहरी किराया नियंत्रण अधिनियम में संशोधन का विचार नहीं
 मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरी किराया नियंत्रण अधिनियम की धारा 14 में कोई भी संशोधन करने का विचार नहीं है। विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अध्यादेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। 11 अक्तूबर 2023 को हाईकोर्ट ने इस मामले का निपटारा कर दिया है। 
 

Trending Videos

ऋण देने में अनियमितताएं बरतने वाले अफसरों की करेंगे जांच : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के माध्यम से ऋण देने में अनियमितताएं बरतने वाले अफसरों की जांच करवाई जाएगी। अनिवार्य औपचारिकताओं को पूरा किए बिना ऋण देने की उन्हें भी कई शिकायतें मिली हैं। इसके लिए नीतिगत फैसला लिया जाएगा। बड़े ऋणों के मामलों पर विशेष नजर रखी जाएगी। विधायक राजेंद्र राणा ने सदन में मामला उठाते हुए कहा कि कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक का एनपीए लगातार बढ़ रहा है। गलत तरीके से ऋण दिए जा रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। विधायक होशियार सिंह ने कहा कि बैंक में ऋण वसूली की प्रक्रिया भी ठीक नहीं है। शेयरधारकों को लाभांश नहीं मिल रहा है। 
 

माल और सेवा कर अधिनियम में वसूले 204 करोड़ रुपये
 मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने प्रदेश में 7060 फर्मों और व्यक्तियों को हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 73 और 74 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। इन फर्मों और व्यक्तियों से 992.27 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग सृजित की गई है। इसमें से 204.06 करोड़ रुपये वसूल कर लिए गए हैं। 788.21 करोड़ रुपये की वसूली शेष है। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। 

सिंगल फेज बिजली मीटर लगाने के 33,709 आवेदन लंबित
प्रदेश में सिंगल फेज के बिजली मीटर लगाने के 33,709 और थ्री फेज मीटर के 916 आवेदन लंबित हैं। विधायक होशियर सिंह के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते एक वर्ष के दौरान सिंगल फेज मीटरों के 1,18,421 और थ्री फेज के 3,741 आवेदन प्राप्त हुए हैं। बिजली मीटरों की सप्लाई कम आने के चलते आवेदन लंबित हुए हैं। सात दिसंबर को बिजली बोर्ड ने 85,505 मीटरों के लिए सप्लाई आर्डर दे दिया है। आगामी डेढ़ माह के भीतर प्रदेश में बिजली के नये मीटर उपलब्ध हो जाएंगे।

कांगड़ा हवाई अड्डे से संचालित हो रहीं साप्ताहिक 70 उड़ानें
हिमाचल प्रदेश के 3 हवाई अड्डों से उड़ाने संचालित हो रही हैं, जिनमें कांगड़ा हवाई अड्डे से एक सप्ताह में सबसे अधिक 70 उड़ानें संचालित हो रही हैं। शिमला हवाई अड्डे से सप्ताह में 34 और कुल्लू हवाई अड्डे से सप्ताह में 14 उड़ानें हो रही हैं। कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण लागत को छोड़कर फिलहाल 10,995.69 करोड़ खर्च होंगे। आईआईटी रुड़की इसका परीक्षण करेगी जिसके बाद अंतिम लागत का आकलन होगा। कुल्लू हवाई अड्डे के रनवे को चौड़ा किया जा रहा है जिसकी एफसीए क्लीयरेंस मिलनी बाकी है। सुलह से विधायक विपिन परमार के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी मुख्यमंत्री ने दी।
विज्ञापन

प्रदेश में 287 स्टोन क्रशर से वित्त वर्ष 2023-24 में नवंबर तक सरकार को 65,77,96,506 रुपये की आमदनी रॉयल्टी के रूप में हुई है। मानसून के दौरान ब्यास और उसकी सहायक नदियों के किनारे हुए नुकसान के मद्देनजर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आदेशों का पालन करते हुए उद्योग विभाग ने 130 क्रशर बंद किए थे, जिनमें से 71 स्टोन क्रशरों को संचालन की अनुमति दे दी गई है। अन्यों को अनुमति देने के लिए निदेशक उद्योग विभाग की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी उद्योग मंत्री ने दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें