हिमाचल प्रदेश में जारी बरसात में 13 जून से नौ अगस्त तक 233 लोगों की जान गई है। 11 लोगों का सुराग अभी तक नहीं लगा है। मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक विक्रम सिंह जरयाल के सवाल का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में अभी 773.25 करोड़ रुपये का बरसात से नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार को इसकी रिपोर्ट भेजी गई है।
457 पशुओं की मौत भी हुई है। इसके अलावा 43 पक्के और 81 कच्चे घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। करीब 600 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। लोकनिर्माण विभाग को करीब 400 करोड़ और जल शक्ति विभाग को 285 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मनरेगा के माध्यम से मरम्मत कार्यों के लिए जिला उपायुक्तों को कहा जाएगा। 12 माही फसलों के नुकसान की मुआवजा राशि के मैन्युअल पर दोबारा विचार कर किसानों को राहत दी जाएगी।
ओलावृष्टि से रामपुर में 3479 लाख की सेब फसल हुई खराब
बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया है कि रामपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत ओलावृष्टि के चलते 30 जून 2021 तक 3479 लाख रुपये की सेब फसल को नुकसान हुआ है। विधायक नंदलाल के सवाल का लिखित जवाब देते हुए बागवानी मंत्री ने बताया कि ननखड़ी के थांगर क्षेत्र में सीए स्टोर खोलने का अभी कोई विचार नहीं है। एचपीएमसी का जलोड़-टिक्कर में सीए स्टोर है। इस स्टोर की ननखड़ी से दूरी 26 किलोमीटर है। इसके अलावा ननखड़ी से 45 किलोमीटर दूर गुम्मा में भी सीए स्टोर की व्यवस्था की गई है।
जल जीवन मिशन में लगाए छह लाख नल
जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में जल जीवन मिशन शुरू होने के बाद 6,01,840 नल स्थापित किए गए हैं। विधायक रमेश धवाला के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि नए नलों की स्थापना सिर्फ पुरानी पेयजल योजना और पुरानी बिछाई पाइप लाइनों से ही नहीं की जा रही है। 283 योजनाओं के संवर्धन एवं सुधार के लिए 1120.24 करोड़ रुपये के प्राक्कलन तैयार किए गए हैं। अभी तक इन पर 288.11 करोड़ की धनराशि व्यय की गई है। वर्ष 2021-22 में संवर्धन एवं सुधार के लिए 767.50 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।