फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वन रैंक वन पेंशन में फौजियों के साथ धोखा : जनरल सतबीर सिंह

Wed, 08 Nov 2017 12:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
इंडियन एक्स सर्विसमैन मूवमेंट और यूनाइटेड एक्स सर्विस मैन मूवमेंट के चेयरमैन मेजर जनरल सतबीर सिंह ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कहा कि नरेंद्र मोदी ने वन रैंक वन पेंशन में फौजियों के साथ धोखा किया। 
विज्ञापन


जब सेवानिवृत्त फौजियों ने इसकी लड़ाई लड़ी तो जंतर-मंतर पर उन पर लाठियां बरसाई गईं। अब भाजपा सर्जिकल स्ट्राइक के नाम पर राजनीति कर फौजियों का अपमान कर रही है। केंद्र इस तरह की राजनीति बंद करे। 

सतबीर सिंह ने कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि वन रैंक वन पेंशन जारी करने के लिए पूर्व सैनिक बीते 870 दिनों से जंतर-मंतर पर विरोध प्रर्दशन कर रहे थे। केंद्र सरकार के इशारे पर पुलिस ने उन पर लाठियां भांजीं।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

भूतपूर्व सैनिकों की आवाज को नहीं दबाया जा सकता

कहा कि 17 फरवरी 2014 को केंद्र की तत्कालीन सरकार ने 1 अप्रैल 2014 से वन रैंक वन पेंशन को स्वीकार कर लिया था। इसके तहत स्पष्ट किया गया था कि एक समान अवधि तक सेवाएं देने के बाद एक समान रैंक से रिटायर होने वाले सशस्त्र बलों के सैनिकों को एक समान पेंशन दी 

जाएगी, फिर चाहे उनकी रिटायरमेंट की तारीख कोई भी क्यों न हो। उन्होंने कहा कि इसके बाद केंद्र में मोदी सरकार बनी और मोदी सरकार ने 7 नवंबर 2015 को अधिसूचना जारी करके तीनों सेनाओं के 40 प्रतिशत सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन के फायदे से वंचित कर दिया। 

कांग्रेस के स्टार प्रचारक  रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा तय किए गए वन रैंक वन पेंशन के प्रारूप के तहत भूतपूर्व सैनिकों को सर्वाधिक वेतन के आधार पर पेंशन मिलती, लेकिन मोदी सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया। केंद्र सरकार भूतपूर्व सैनिकों की आवाज को दबा नहीं सकती है। कहा कि मोदी सरकार ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों से किए वायदों को पूरा नहीं किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें