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विस चुनावः हिमाचल में थम गया चुनावी शोर, प्रत्याशी अब डोर टू डोर

Wed, 08 Nov 2017 12:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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विधानसभा चुनावों में कूदे प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार मंगलवार शाम 5:00 बजे थम गया। आदर्श आचार संहिता के अनुसार अब 9 नवंबर को मतदान के दिन तक कोई भी प्रत्याशी अब रैली और जनसभा नहीं कर सकेगा। 
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हालांकि, डोर टू डोर प्रचार की इजाजत है। लिहाजा, प्रत्याशियों ने मतदाताओं का विश्वास और आशीर्वाद हासिल करने के लिए घर घर दस्तक देनी शुरू कर दी है। 

9 नवंबर को होने वाले मतदान से 48 घंटे पहले मंगलवार को प्रचार के आखिरी दिन प्रदेश भर में प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। किसी ने रैली निकाली तो कोई छोटी सभाएं करता रहा। लाउडस्पीकर व नारेबाजी के बीच शाम 5:00 बजे चुनावी शोरगुल थम गया।

निर्वाचन विभाग के ये आदेश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने बताया कि सभी पार्टियों व प्रत्याशियों के जो समर्थक और नेता उस विधानसभा क्षेत्र या प्रदेश से नहीं हैं, उन्हें तत्काल क्षेत्र छोड़ने के लिए कह दिया गया है। 

राजपूत ने बताया कि नेता अब सिर्फ बिना किसी तामझाम के शांतिपूर्ण तरीके से लोगों से मुलाकात कर सकेंगे। बताया कि जनसभाओं, रैलियों, नुक्कड़ सभा, रोड शो या लाउड स्पीकर से प्रचार पर मतदान के दिन तक पूरी तरह पाबंदी रहेगी। राजपूत ने कहा कि सभी स्टैटिक टीमों के अलावा पुलिस व अन्य विभागों की टीमों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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सरकारी कर्मचारियों के अवकाश पर रोक

मतदान प्रतिशत प्रभावित होने की आशंका के बीच जिला निर्वाचन अधिकारी हमीरपुर ने पहल की है। डीसी हमीरपुर संदीप कदम ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी सूरत में 10 नवंबर को किसी भी सरकारी कर्मचारी को छुट्टी नहीं देंगे।

यह भी कहा गया है कि छुट्टी सिर्फ डीसी से ही मंजूरी के बाद ली जा सकेगी। कदम ने यह निर्देश मतदान प्रतिशत प्रभावित होने की आशंका के चलते जारी किए हैं। दरअसल, हमीरपुर समेत पूरे प्रदेश में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं।

कदम ने बताया कि मतदान दिवस पर मतदान के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन मतदान दिवस के अगले दिन को छोड़ दें, तो उसके अगले दो दिन राजपत्रित अवकाश हैं। मतदान दिवस होने के चलते प्रदेश में 9 नवंबर को अवकाश रहेगा।

वहीं, 11 नवंबर को द्वितीय शनिवार और 12 को रविवार का राजपत्रित अवकाश है। ऐसे में इस बात की प्रबल संभावना है कि सरकारी कर्मचारी 10 नवंबर को छुट्टी ले सकते हैं और चार दिन स्थान छोड़ने का प्रयास कर सकते हैं। इसकी वजह से मतदान प्रतिशत प्रभावित हो सकता है।

यही कारण है कि उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी कर्मचारी को 10 नवंबर का अवकाश आवेदन मंजूर नहीं करेंगे। आदेश की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

कदम ने बताया कि सिर्फ डीसी आफिस को ही छुट्टी मंजूर करने के लिए निर्देश इसलिए जारी किए गए हैं ताकि छुट्टी लेने के कारण की गंभीरता देखी जा सके। स्वास्थ्य संबंधी या गंभीर समस्या होने पर ही कर्मचारी को छुट्टी दी जाएगी।
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