विधानसभा सचिवालय में ऑनलाइन आवेदन से मिलेंगे ई-प्रवेश पत्र
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कल से शुरू होने वाले बजट सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय में ई-प्रवेश पत्र ऑनलाइन आवेदन पर ही मिलेंगे। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सुरक्षा प्रबंधों से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। ई-विधान प्रणाली के तहत विधानसभा सचिवालय इन पास को ऑनलाइन तरीके से मुद्रित करेगी। यह आवेदन सभी ई-प्रवेश पत्र की जांच के लिए पुलिस की ओर कंप्यूट्रीकृत जांच केंद्र मुख्य द्वारों पर स्थापित किए जाएंगे, जिससे कम से कम असुविधा हो तथा जांच भी पूर्ण हो।
पठानिया ने कहा कि पूर्व की भांति इस बार भी क्यूआर कोड के माध्यम से फोटो युक्त ई-प्रवेश पत्र को लैपटॉप के माध्यम से प्रमाणित किया जाएगा। इन केंद्रों पर हर व्यक्ति का डाटाबेस बनेगा, जिसे पुलिस नियंत्रण कक्ष से मॉनिटर करेगी। उन्होंने कहा कि ई-प्रवेश पत्र ई-विधान के तहत बनाए जाएंगे। निर्णय लिया गया कि विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिकारी दीर्घा पास, स्थापना पास तथा प्रेस संवाददाताओं को जारी पास प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे। प्रेस संवाददाताओं की सुविधा एवं सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उनका प्रवेश यथावत गेट नंबर 3,4,5 और 6 से ही रखा जाएगा।
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अपने पहचानपत्र प्रमुखता से प्रदर्शित करने होंगे। इसके अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया गया कि कोई भी सरकारी अधिकारी व कर्मचारी व अन्य पास धारक अपना शासकीय पास किसी अन्य को स्थानांतरित नहीं करेगा। अन्यथा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक सतर्कता संतोष पटियाल, पुलिस महानिरीक्षक दक्षिण रेंज पुपुल दत्ता, विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा, जिलाधीश शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक जिला शिमला संजीव गांधी, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक राजीव कुमार, पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी, नगर निगम शिमला के आयुक्त भूपेंद्र अत्री, कमांडेंट होमगार्ड तृतीय वाहिनी नवनीता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीआईडी सुरक्षा भूपेंद्र नेगी, विधानसभा के संयुक्त सचिव बेगराम कश्यप और विधान सभा के संयुक्त निदेशक हरदयाल भारद्वाज मौजूद रहे।
विधानसभा परिसर में तैनात रहेंगे 500 से अधिक जवान
बैठक के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से एसपी संजीव गांधी ने कहा कि 500 से अधिक जवान विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा में मौजूद रहेंगे। मोबाइल फोन विधानसभा के अंदर ले जाने पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा।