इसके चलते ही अब पांच प्रतिशत आर्टिफिशियल ग्रास के एलिमेंट मैदान के लिए रखे गए हैं। धर्मशाला में बहुत अधिक बारिश होती है, ऐसे में बारिश का पिच पर भी बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है, लेकिन एचपीसीए ने अब सब एयर सिस्टम स्थापित किया है, जिससे बारिश के बाद 10 से 15 मिनट में सुखाने की क्षमता भी है। अब हाईब्रिड पिच धर्मशाला में स्थापित होने से ओर बेहतर हो सकेगी। हाल ही के वनडे वर्ल्ड कप में धर्मशाला की आउटफील्ड को लेकर आलोचना हुई थी।
उसके बाद टेस्ट और आईपीएल मैच में अब आउटफील्ड की विश्व भर के खिलाड़ी सराहना कर रहे हैं, जिसमें रनिंग एरिया में हाइब्रिड तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, इस दौरान एसआईएस के इंटरनेशनल क्रिकेट डायरेक्टर एवं इंग्लैंड बक पूर्व क्रिकेटर पॉल टेलर ने कहा कि वे भी इंग्लैंड की तरफ से क्रिकेट खेल चुके हैं। ऐसे में क्रिकेट में नए सुधार करने के लिए लगातार प्रयासरत रहे हैं। इसके तहत ही इंग्लैंड सहित कई देशों में भी हाइब्रिड पिचों को बना चुके हैं। हाइब्रिड पिच बनाने के लिए किसी भी तरह कंक्रीट का इस्तेमाल नहीं करते हैं, इसमें आर्टिफिशियल ग्रास को मैदान में जमीन के अंदर स्थापित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि गेंदबाजी करते हुए रनरअप और विकेटकीपर के खड़े होने के स्थान पर भी आर्टिफिशियल ग्रास लगाई जा रही है, जिससे काफी अधिक मैदान एक तरह का बना रहता है और खिलाड़ियों के खेल में निखार होता है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला स्टेडियम में भी मैदान में मुख्य पिच के साथ की पिच के संवेदनशील एरिया में आर्टिफिशियल ग्रास लगाई गई है। पॉल टेलर ने कहा कि नेट प्रैक्टिस एरिया में भी तीन पिचों को हाइब्रिड तकनीक से तैयार किया गया है।