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डीजल की कीमत घटी फिर कैसे बढ़ा दिया सेब ढुलाई का भाड़ा

Wed, 29 Jun 2016 01:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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सेब ढुलाई भाड़े में दस फीसदी वृद्धि पर प्रदेश सेब उत्पादक संघ ने सवाल किए हैं। संघ का कहना है कि डीजल की कीमत स्थित है। बावजूद प्रशासन ने भाड़े की दरों में बढ़ोतरी कर बागवानों की कमर तोड़ दी है। संघ का तर्क है कि एक तो पहले से ही सेब की फसल कम है और राहत देने के बजाय मालभाड़ा बढ़ाकर प्रशासन ने बागवानों पर अधिक बोझ डाल दिया है।
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संघ ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि अगर भाड़े की दरें न घटाई गई तो इसके खिलाफ धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। बीते हर साल जिला प्रशासन सेब सीजन के दौरान सेब के मंडियों तक ढुलाई के लिए माल भाड़ा तय करता है और भाड़े में हर साल पांच प्रतिशत तक का इजाफा करता है लेकिन इस साल दस फीसदी भाड़े के बड़ने से सेब बागवानों पर बोझ बड़ गया है।

500 पेटी के साथ ट्रक का भाड़ा (दिल्ली तक)
क्षेत्र              बीते साल      इस साल
चौपाल          32500        35750
मतियाना        28500        31350
रामपुर           35500        39050
जुब्बल          33500        36850
कोटखाई        30000        33000
ठियोग           27500        30250

तुरंत वापस लिया जाए बढ़ा हुआ किराया: चौहान
फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान का कहना है पेटियों का भाड़ा बढ़ा कर सरकार ने बागवानों पर गैर जरूरी बोझ डाल दिया है। बीते सालों की अपेक्षा इस साल डीजल के रेट कम हैं बावजूद इसके ढुलाई की दरें बढ़ा दी गई है। इस बार सेब की फसल कम है, ओलों से फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है ऐसे में किराये की दरें घटाई जानी चाहिए थी। अगर सरकार 10 फीसदी बढ़ोतरी तुरंत वापिस नहीं लेती तो धरना प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया जाएगा।
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