देवभूमि के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जल्द ही हाई इंटरनेट स्पीड और हाईटेक डीटीएच सुविधा मिलेगी। सूबे में दूरसंचार सेवाओं को और बेहतर करने के लिए मोबाइल कंपनियां फाइबर टू होम योजना के तहत बिजली की एचटी लाइनों के टावरों का इस्तेमाल करेंगी। इस नई व्यवस्था से जहां सड़कों को खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वहीं बिजली बोर्ड की आमदनी भी बढ़ेगी।
बिजली बोर्ड को प्रति टावर इसके लिए फीस मिलेगी। दो कंपनियों ने इस टेंडर के लिए बिजली बोर्ड के पास आवेदन किया है। 15 अगस्त के बाद टेंडर खोले जाएंगे। बोर्ड को अधिक किराया देने वाली कंपनी का चयन किया जाएगा। बिजली बोर्ड द्वारा आमंत्रित किए गए टेंडर के तहत मोबाइल कंपनियों को ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) को बिजली टावर से जोड़ने की सुविधा दी जाएगी।
बिजली बोर्ड के प्रदेश भर में लगे बिजली के एचटी लाइन टावरों के माध्यम से कंपनियां ऑप्टिकल फाइबर केबल को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचा सकेंगी। इसकी एवज में बिजली बोर्ड प्रति टावर किराया वसूल करेगा। मोबाइल फोन कंपनियों की सूबे के दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी ज्यादा मजबूत नहीं है। बिजली बोर्ड के एचटी टावर पूरे राज्य में मौजूद हैं।
ऐसे में कंपनियों को प्रदेश के हर क्षेत्र में पहुंचना आसान रहेगा। ओएफसी बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई भी नहीं करनी पड़ेगी। बिजली के टावरों पर ओएफसी को बांधा जा सकेगा। बोर्ड प्रबंधन का दावा है कि बिजली के टावरों पर ओएफसी लगने से बिजली की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। देश के कई राज्यों में इस प्रक्रिया को पहले ही अपनाया जा रहा है। अब हिमाचल में भी इसकी शुरुआत होने जा रही है।
ये होंगे फायदे
ब्राडबैंड सुविधा सुधरेगी, मोबाइल फोन में इंटरनेट की स्पीड बढ़ेगी
इंटरनेट के माध्यम से सेट टॉप बाक्स लगाकर डीटीएच का लाभ उठा सकेंगे
दफ्तरों, प्रतिष्ठानों में हाई स्पीड इंटरनेट के लिए लीज लाइन मिल सकेगी