लावारिस पशुओं को सड़क पर खुला छोड़ने पर हिमाचल हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने प्रदेश सरकार को आदेश दिए हैं कि वह प्रदेश की सभी सड़कों को 31 दिसंबर 2014 तक लावारिस पशुओं से मुक्त कराए। अदालत ने कहा कि प्रदेशभर के सभी पशुओं को टैग लगाया जाए ताकि पशुओं के मालिक का पता चल सके। कोर्ट ने साफ कहा कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति गौ हत्या नहीं करेगा और न ही गौ हत्या के लिए किसी भी तरीके से मदद करेगा।
न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने भारतीय गौवंश संरक्षण संवर्धन परिषद हिमाचल प्रदेश की याचिका की सुनवाई के बाद आदेश दिए कि गौ हत्या के इरादे से कोई भी व्यक्ति पशुओं का व्यापार नहीं करेगा। अदालत ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति पशुओं से क्रूरता करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पुलिस अधिनियम के प्रावधान के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।