प्रदेश हाईकोर्ट ने बीडीसी की बजट शेल्फ को 15वें वित्तायोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए कथित फेरबदल करने के मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, प्रधान सचिव पंचायती राज, उपायुक्त कुल्लू, खंड विकास अधिकारी आनी एवं खंड विकास कार्यालय आनी के पंचायत निरीक्षक को नोटिस जारी किया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलीमठ और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने ब्लॉक के पांच सदस्यों की ओर से मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र पर स्वत: संज्ञान लेने वाली याचिका पर ये आदेश पारित किए। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि 15वें वित्त आयोग की ओर से खंड विकास समिति के सभी सदस्यों के लिए बजट उपलब्ध कराया गया था और उन्होंने इस संबंध में योजना का शेल्फ तैयार कर अनुमोदन के लिए पंचायत निरीक्षक के पास भेजा। हालांकि, बीडीसी के अध्यक्ष ने पंचायत निरीक्षक के साथ मिलकर पूरे बजट शेल्फ में फेरबदल किया, जो याचिकाकर्ताओं की ओर से तैयार किया गया था और याचिकाकर्ताओं का हिस्सा अन्य सदस्यों को अपने स्तर पर आवंटित किया गया था।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जब इस बाबत स्पष्टीकरण जानना चाहा तो अध्यक्ष कोई प्रशंसनीय स्पष्टीकरण नहीं दे सका, सिवाय इसके कि सदन के बहुमत द्वारा निर्णय लिया गया था। याचिकाकर्ताओं ने आगे आरोप लगाया है कि 15वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार बजट को सभी जन प्रतिनिधियों के बीच समान रूप से आवंटित किया जाना है और सदन के अध्यक्ष या बहुमत के निर्णय से कोई फेरबदल नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीडीसी के अध्यक्ष की ओर से उनके बजट में कटौती करके और उसे अपनी पसंद के सदस्यों को स्थानांतरित करके दिशा-निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से आग्रह किया है कि अध्यक्ष एवं पंचायत निरीक्षक की ओर से दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने तथा बजट शेल्फ में फेरबदल करने का एकतरफा निर्णय लेने पर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया जाए। मामले पर दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी।