वाहन दुर्घटना में मृतक के आश्रितों को 9.92 लाख रुपये का मुआवजा अदा करने के आदेश दिए हैं। भूपेश शर्मा वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण शिमला ने मुआवजे की राशि पर छह फीसदी ब्याज अदा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मुआवजे की राशि वाहन मालिक और ड्राइवर से वसूली जाए। 7 नवंबर 2019 को नेरवा की अर्चना गाड़ी मेें चंडीगढ़ जा रही थी। पेरवी पुल के समीप यह गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दुर्घटना में अर्चना की मौत हो गई थी।
मृतक के आश्रितों ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण शिमला के समक्ष मुआवजे के लिए याचिका दायर की थी। दलील दी गई कि अर्चना की उम्र 34 वर्ष थी और वह सिलाई और कढ़ाई से 25 हजार प्रति महीना कमाती थी। यह भी दलील दी गई कि इस दुर्घटना का मुख्य कारण चालक की लापरवाही थी। मालिक की ओर से दलील दी गई कि गाड़ी का बीमा इंश्योरेंस कंपनी से करवाया गया था। मुआवजे की राशि इंश्योरेंस कंपनी को दिए जाने का आग्रह किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आश्रितों की ओर से मुआवजे के लिए दायर की गई याचिका को स्वीकार किया।