हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर निगम शिमला के पांच वार्डों के पुनर्सीमांकन मामले में डीसी शिमला को फटकार लगाई है। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि जिस आदेश को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था, उसे डीसी शिमला ने सही बताया है। न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने जिलाधीश शिमला के आदेशों को रद्द कर दिया है। इसके अलावा मंडलीय आयुक्त शिमला के आदेशों को भी रद्द किया है। अदालत ने डीसी शिमला को आदेश दिए हैं कि वह वार्डों के पुनर्सीमांकन मामले में दोबारा निर्णय लें। हाईकोर्ट ने पाया कि 24 फरवरी को जिलाधीश ने नाभा वार्ड के कुछ क्षेत्र फागली और टूटीकंडी में मिलाने व बालूगंज बाजार को बालूगंज वार्ड में न डालने का फैसला सुनाया था। अदालत ने इन आदेशों को 3 जून को खारिज कर दिया था।
हाईकोर्ट ने डीसी शिमला को फिर से आपत्तियों पर विस्तृत आदेश पारित करने के आदेश दिए थे, लेकिन डीसी शिमला ने 24 जून को दोबारा फैसला सुनाते हुए 24 फरवरी के आदेशों को सही ठहराया था। अदालत ने पाया कि इन आदेशों को मंडलीय आयुक्त ने भी अपील में बिना सोचे समझे सही ठहराया है। अदालत ने चिंता जताते हुए अपने निर्णय में कहा कि जिस आदेश को हाईकोर्ट खारिज कर चुका है, डीसी शिमला ने उसे ही सही ठहराया है। खंडपीठ ने जिलाधीश शिमला को आदेश दिए कि वह फिर से याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाई गई आपत्तियों पर पुन: विचार करे और तथ्यों पर आधारित फैसला लें।
यह है मामला
वार्डों के पुनर्सीमांकन वाले आदेशों पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। चुनाव आयोग ने हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन दायर कर पांच वार्डों को छोड़कर निगम के चुनाव करवाने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने चुनाव आयोग की इस मांग को ठुकरा दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर 29 अगस्त को सुनवाई हुई थी। मामले को 26 सितंबर के लिए सूचिबद्ध करते हुए शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट को जल्द सुनवाई करने के लिए कहा था।
स्कूल मैदान में हेलीपैड बनाए जाने पर शिक्षा सचिव को नोटिस
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्कूल प्रांगण में हेलीपैड बनाने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने शिक्षा सचिव को नोटिस जारी कर एक हफ्ते में जवाब किया तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किए। मामले की आगामी सुनवाई 28 सितंबर को निर्धारित की गई है। स्थानीय निवासी धर्म चंद जगरोतरा ने जनहित में याचिका दायर की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार की ओर से ज्वालामुखी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कथोग के मैदान पर हेलीपैड बनाया जा रहा है। इससे छात्रों की पढ़ाई पर असर तो पड़ेगा ही साथ में उनके लिए खेल का मैदान नहीं बचेगा। इसकी शिकायत प्रशासन को दी गई लेकिन कोई कारगर कदम नहीं उठाए गए। स्थानीय लोगों ने इसका कई बार विरोध भी किया है। छात्रों के खेल का यह मैदान स्कूल से सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर ही है। याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई है कि स्कूल के मैदान पर हेलीपैड न बनाए जाने की गुहार लगाई है।