विस्तारीकरण के लिए प्रस्तुत की सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट, विशेषज्ञ समूह रिपोर्ट और तकनीकी आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी।
गगल हवाईअड्डा विस्तार के लिए प्रस्तावित पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आरएंडआर) योजना पर प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान रोक लगा दी है। अदालत ने अगली सुनवाई तक मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 29 फरवरी को होगी। विस्तारीकरण के लिए प्रस्तुत की सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट, विशेषज्ञ समूह रिपोर्ट और तकनीकी आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी।
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इसके अतिरिक्त हवाइअड्डे के भूकंपीय क्षेत्र में होने के चलते विस्तारीकरण को लेकर तैयार की गई तकनीकी आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट (टीईएफ) को लेकर आईआईटी रुड़की से परामर्श लेने के निर्देशों को भी पूरा नहीं किया गया। प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता अनूप कुमार रतन ने बताया कि हवाइअड्डा विस्तारीकरण के मामले में बनाई जा रही आरएंडआर योजना पर न्यायालय ने अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। अगली सुनवाई में न्यायालय के समक्ष सरकार का पक्ष रखा जाएगा।