हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में शिमला शहर में फैले पीलिया से संबंधित जनहित के मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार ने ताजा स्टेटस रिपोर्ट दायर करने को कहा है। इस मामले पर सुनवाई मंगलवार तक के लिए टल गई है।
कोर्ट ने राज्य सरकार से उन सभी लोगों का ब्योरा तलब किया है, जिनकी मौत पीलिया के कारण हुई है। अदालत ने इस मामले से जुड़े तमाम बड़े अधिकारियों को सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित रहने के आदेश भी दिए।
राज्य सरकार की तरफ से महाधिवक्ता ने मामले पर हुई बहस के दौरान कोर्ट को बताया कि शहर में पीलिया हेपेटाइटिस-ई वाले वायरस के कारण फैला है। पूरे देश में इस वायरस की पहचान केवल पुणे स्थित प्रयोगशाला में ही की जाती है।
इस वायरस को मारने के लिए कोई भी दवा नहीं बनी है। लोग केवल सावधानी बरत कर इससे अपना बचाव कर सकते हैं। सरकार ने पीलिया से हुई मौतों पर खेद जताते हुए माना है कि सरकारी तंत्र के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ये स्थिति उत्पन्न हुई है।
कोर्ट ने इस जनहित याचिका में नियुक्त कोर्ट मित्र से भी सुझाव और इस मामले से जुड़ी तमाम जानकारी कोर्ट के समक्ष पेश करने को कहा है।