हिमाचल के कांगड़ा एयरपोर्ट से महज एक किलोमीटर दूर गगल चौक से पठानकोट के लिए किराए पर टैक्सी लेने के बाद चालक की हत्या कर तीन लोग नौ दिन से टैक्सी लेकर फरार हैं। पांच दिन बाद चालक का शव मिलने और टैक्सी का कोई अता-पता नहीं चलने पर हड़कंप मच गया है।
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आतंकी साजिश की आशंका के चलते हिमाचल से लेकर दिल्ली तक हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों के तस्वीरें मिलने के बाद पुलिस टीमें पंजाब, हरियाणा, जेएंडके और दिल्ली के लिए रवाना कर दी गई हैं। सूचना पर केंद्रीय जांच एजेंसियों ने भी हिमाचल में डेरा डाल दिया है।
शुक्रवार को डीजीपी खुद मौके पर पहुंच गए हैं। पिछले दिनों हुए पठानकोट हमले से पहले भी आतंकियों ने टैक्सी चालक की हत्या कर दी थी। देश में गणतंत्र दिवस के मद्देनजर आतंकी हमले को लेकर अलर्ट जारी है। इसके चलते इस घटना को पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं।
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14 जनवरी को हायर की थी ऑल्टो कार
चौदह जनवरी को कांगड़ा के गगल से तीन लोगों ने पठानकोट के लिए सफेद ऑल्टो कार (एचपी 01डी-2440) बतौर टैक्सी हायर की थी। 20 जनवरी को चालक का शव मिलने के बाद केंद्रीय एजेंसियां भी इस मामले की जांच में कूद गई हैं।
स्थानीय पुलिस से मिली सीसीटीवी फुटेज और इनपुट के आधार पर एजेंसियां घटना से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। पुलिस ने शुक्रवार को गगल चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद तीनों आरोपियों की तस्वीरें जारी कर दी हैं।
केंद्रीय जांच एजेंसियां इस बात की भी तफ्तीश कर रही हैं कि वीरवार को हरिद्वार में मिले विस्फोटक, गुरदासपुर बार्डर पर हुई आतंकी घुसपैठ, दिल्ली से सटे नोएडा में छत्तीसगढ़ में तैनात एक अर्द्धसैनिक बल के अधिकारी की नीली बत्ती लगी कार के चोरी होने के बीच कोई लिंक तो नहीं हैं।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे संदिग्ध, तलाश जारी
कांगड़ा के गगल में लगे सीसीटीवी फुटेज में तीनों आरोपियों को चालक से बात करते देखा गया। एक संदिग्ध के पास छोटा पिट्ठू बैग भी था। वे काफी समय से चौक में घूम रहे थे। एसएसपी अभिषेक दुल्लर ने बताया कि अपहरण और हत्या के पुराने मामलों को भी खंगाला जा रहा है ताकि आरोपियों की पहचान हो सके। 26 जनवरी को लेकर एहतियात के तहत हमने पड़ोसी राज्यों को कार का नंबर जारी कर दिया था। सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
यह है पूरा मामला 14 जनवरी को रात साढ़े 8 बजे गगल में तीन लोगों ने चालक विजय की टैक्सी पठानकोट के लिए किराये पर की। देर रात तक विजय घर नहीं पहुंचा। 15 जनवरी को युवक के मामा विपिन कुमार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस चौकी गगल (कांगड़ा) में करवाई। 20 जनवरी को मोबाइल लोकेशन के आधार पर कोटला के 32 मील क्षेत्र में पुली के नीचे विजय का शव मिला। टैक्सी अभी भी नहीं मिल पाई है।
चरस केस में 18 माह की जेल काट चुका था चालक जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि जिस चालक विजय कुमार की हत्या की गई है वह पहले चरस के धंधे में संलिप्त था। एसएसपी अभिषेक दुल्लर ने बताया कि विजय कुमार चरस रखने के एक मामले में 18 महीने की जेल काट चुका था। करीब ढाई महीने पहले ही विजय जेल से छूटा था।
पुलिस को अंदेशा गला घोंटकर हुई हत्या
टैक्सी चालक विजय कुमार (34) पुत्र मदन लाल निवासी गुरदासपुर (पंजाब) पिछले कई वर्षों से कांगड़ा के गगल चौक में टैक्सी चला रहा था। विजय गगल में अपने मामा के घर पर रहता था।
माथे तक उधड़ी हुई थी चमड़ी पुलिस के अनुसार विजय के सिर के बाल कटे हुए थे। माथे तक चमड़ी उधड़ी हुई थी। गले में मफलर बंधा हुआ था। गले में नीले रंग के निशान थे जिससे लगता है कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई।
वहीं, इस मामले पर सीएम वीरभद्र सिंह का कहना है कि हिमाचल सरकार इस केस में गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों और हाईजैक कार की तलाश की जा रही है। पुलिस से पल-पल की रिपोर्ट ले रहा हूं। जांच राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। हिमाचल के अलावा अन्य राज्यों में भी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
आरोपियों ने पहनी थी जींस-जैकेट, एक की पीठ पर पिट्ठू
टैक्सी चालक के अपहरण, हत्या और कार हाईजेक मामले में गगल चौक की सामने आई सीसीटीवी फुटेज में तीनों आरोपी करीब 30 से 35 उम्र के दिख रहे हैं। तीनों आरोपी युवा हैं। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि तीनों आरोपी चौक में टैक्सी लेने के लिए बात कर रहे हैं। तीनों आरोपी सामान्य दिख रहे हैं। आरोपी ज्यादा दाड़ी मूंछ वाले नहीं दिख रहे हैं।
रात करीब 8:30 बजे जब आरोपी चौक पर खड़े थे तो उस दौरान बाजार में काफी चहल पहल दिख रही है। सब्जी की दुकान के पास कुछ लोग अलाव जलाकर सेंक रहे थे। तीनों आरोपियों ने टाइट गहरे ब्लू रंग की जींस पहन रखी है। दो युवक जेब में हाथ डालकर खड़े थे। एक युवक ने ब्लू रंग की जींस, ब्लू रंग की हाफ जैकेट, मिक्स रेड येलो रंग का मफलर, संतरी रंग की कमीज पहन रखी है।
दूसरे युवक ने भी नीले रंग की जींस, लाल काले रंग की जैकेट और सिर पर टोपी पहन रखी थी। तीसरे युवक ने काले रंग की जैकेट, नीले रंग की जींस पहन रखी थी। तीनों आरोपियों की हाइट करीब साढ़े पांच फुट से थोड़ी सी ज्यादा लग रही है। गगल चौक पर तीनों युवकों ने पहले दो तीन टैक्सी चालकों से पूछा कि पठानकोट तक जाने का लोगे।
एक टैक्सी चालक ने बताया 1800 दूसरे ने 1600 रुपये। लेकिन, विजय कुमार तीनों आरोपियों को अपनी टैक्सी में 1400 रुपये किराये पर पठानकोट चला गया।
जांच के दौरान तीन पहलू सामने आ रहे हैं। टैक्सी चालक की हत्या क्या लूट के इरादे से की कई। क्या उसे किसी रंजिश को लेकर मारा गया। या काई और संदिग्ध वजह है। अगर आरोपियों की विजय से कोई रंजिश होती तो वह गगल चौक पर किसी दूसरे टैक्सी चालक से रेट क्यों बनाते। वह उसी के पास सीधा जाते। लूट की वारदात की भी यहां संभावना कम लग रही है।
जबकि संदिग्ध वजह ज्यादा लग रही है। क्योंकि चालक की हत्या के बाद टैक्सी का आठ दिन से कोई पता नहीं है। आरोपी चालक की हत्या करने के बाद उसका शव 32 मील के पास फेंक गए। इसके बाद वे कंडवाल बैरियर से हाईवे पर नहीं गए। वह किसी लिंक रोड से गए हैं। इससे लगता है कि आरोपियों को कांगड़ा की सड़कों की अच्छी जानकारी थी।
दो दिन पहले पठानकोट में दिखे थे तीन संदिग्ध दो दिन पहले पठानकोट से करीब 12 किलोमीटर दूर पंजाब में तीन संदिग्ध दिखे थे। इनमें से सुरक्षा बलों ने एक संदिग्ध को मार गिराया था जबकि दो फरार हो गए थे। ऐसे में उस घटना को भी इस मामले से भी जोड़कर देखा जा रहा है।