प्रदेश में लगातार तीन दिन से हो रही बारिश से जनजीवन ठहर सा गया है। शुक्रवार रात से राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई इलाकों में हो रही बारिश से पेड़ गिरने और भूस्खलन की कई घटनाएं हुई हैं।
प्रदेश की नदियां उफान पर हैं। लारजी डैम के गेट खोलने पड़े हैं। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों सिरमौर, चंबा, कुल्लू और लाहौल स्पीति के कई क्षेत्रों में दर्जनों की संख्या में सड़कें अवरुद्ध हुई हैं।
सिरमौर जिले में 42, कुल्लू में 10 के करीब सड़कें जगह जगह भू स्खलन के कारण बंद हैं। चट्टानें गिरने से बाधित हुई सड़कों पर एचआरटीसी की चार बसें भी फंसी हुई हैं।
उधर, सैंज घाटी की कनौन पंचायत में तीन मंजिला मकान बारिश के कारण गिर गया। आनी और निरमंड जिला मुख्यालय कुल्लू से पूर्ण रूप से कट चुका है। शनिवार को शिमला में 17.0, भुंतर में 1.0, कल्पा में 15.0, सोलन में 33.0 और मनाली में 5.0 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
अभी जारी रहेगी बारिश
मौसम विभाग के शिमला केंद्र के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि दो दिन प्रदेश में हल्की बारिश होगी, लेकिन 22 जुलाई के बाद फिर से मध्यम ऊंचाई और मैदानी इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से दरमियानी बारिश होगी।