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डीडीयू अस्पताल में पानी की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं ठप

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अस्पताल में नहीं हो पाए लीवर, किडनी और शुगर के टेस्ट
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शौचालयों में फैली है गंदगी, मरीज झेलते रहे परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में बुधवार को पानी न होने से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गईं। पानी न होने से अस्पताल की सरकारी लैब में लीवर, किडनी, शुगर और पेशाब के टेस्ट तक नहीं हो पाए। अस्पताल में हर रोज सौ से अधिक टेस्ट होते हैं। टेस्ट न होने से अब मरीजों को दोबारा अस्पताल आना होगा। सात अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस भी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अस्पताल में पानी तक का बंदोबस्त सही नहीं हो पा रहा तो सेवाएं कैसे दुरुस्त होंगी।
अस्पताल के शौचालयों मेें भी गंदगी फैली हुई है। अस्पताल में देर शाम तक पानी नहीं आया था जिस कारण मरीज और उनके तीमारदार परेशान थे। डीडीयू अस्पताल के नए भवन में मंगलवार शाम से पानी की सप्लाई नहीं आ रही थी। बुधवार सुबह सैकड़ों की तादाद में इलाज के लिए मरीज अस्पताल पहुंचे तो स्थिति बिगड़ गई। मेडिसिन, ऑर्थो, बालरोग, गायनी समेत अन्य ओपीडी में जांच के बाद डॉक्टर मरीजों को थायराइड, लीवर, किडनी, शुगर और यूरिन के टेस्ट लिखते रहे। लेकिन फार्म भरने के बाद मरीज टेस्ट के लिए जैसे ही लैब में पहुंचे तो यहां कर्मचारियों ने पानी न होने की बात कहकर टेस्ट करने से मना कर दिया। बताया मशीन ने पानी की कमी के कारण काम करना बंद कर दिया है। हालांकि जिन मरीजों ने पहले सैंपल दिए थे उनमें से करीब 40 के टेस्ट हो गए। चार बजे तक अस्पताल में पानी नहीं मिला था। अस्पताल की एसआर लैब में भी यही स्थिति बनी रही। मरीजों को बाहर से पानी खरीदकर लाना पड़ा।
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आ गया था पानी का टैंकर : डॉ. लोकेंद्र
डीडीयू अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने बताया कि टायलेट में किसी मरीज द्वारा पानी का नलका खुला रख दिया था। इस कारण पानी खत्म हो गया। मरीजों को समस्या पेश न आए इसके लिए नगर निगम महापौर से पानी का टैंकर भेजने का आग्रह किया था। दस मिनट के भीतर अस्पताल में टैंकर पहुंच गए थे। मरीजों को अस्पताल में किसी भी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
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अस्पताल के कर्मचारी घरों से ला रहे पानी
अस्पताल में पानी की कमी से मरीज ही नहीं बल्कि कर्मचारी भी परेशान हैं। अस्पताल में जो एक्वागार्ड लगाए गए हैं वह भी खाली पड़े हैैं। अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारी घरों से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं। ऐसे में नगर निगम द्वारा अस्पतालों में पानी की सप्लाई मुहैया न करवाने से उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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