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हिमाचल: सीआरपीएफ में हवलदार राजवीर को मिला पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री अवार्ड, बेटों ने ये कहा

Thu, 02 Sep 2021 11:53 AM IST
Krishan Singh रफीक पोसवाल, अमर उजाला, कांगू (हमीरपुर)

सार

दिल्ली में आयोजित वीरता सम्मान समारोह में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने  हवलदार राजवीर सिंह को प्रशस्ति पत्र से नवाजा, जबकि मेडल राष्ट्रपति के हाथों दिया जाना है। देश के सिर्फ दो जवानों का चयन इस अवार्ड के लिए हुआ था।
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मुख्य आरक्षी राजवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्रीनगर के शोपियां में मुठभेड़ के दौरान छह आतंकियों को मौत के घाट उतारने वाले हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले सीआरपीएफ के हवलदार राजवीर सिंह को पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री अवार्ड से नवाजा गया। बुधवार को दिल्ली में आयोजित वीरता सम्मान समारोह में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने उन्हें प्रशस्ति पत्र से नवाजा, जबकि मेडल राष्ट्रपति के हाथों दिया जाना है। देश के सिर्फ दो जवानों का चयन इस अवार्ड के लिए हुआ था। गांव मालग, उपतहसील कांगू जिला हमीरपुर के राजवीर सिंह पुत्र कुमी चंद को यह अवार्ड देने की इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर की गई थी। कांगू स्कूल से पढ़ाई करने के बाद राजवीर वर्ष 2003 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए। वह वर्तमान में राजस्थान के माउंट आबू में बतौर हवलदार  सेवारत हैं।

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यह सम्मान उन्हें 25 नवंबर, 2018 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के शोपियां में आतंकवादियों के खिलाफ चले ऑपरेशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए मिला है। इस ऑपरेशन में उन्होंने आईईडी ब्लास्ट करने वाले एक्सपर्ट पाकिस्तानी आतंकी समेत छह दहशतगर्दों को मार गिराया था। राजवीर सिंह को यह अवार्ड मिलने से सीआरपीएफ में निरीक्षक पद पर सेवारत पालमपुर निवासी कर्मवीर सिंह कटोच और राजवीर के परिवारजनों में खुशी की लहर है।

राजवीर के बेटे बोले- हम भी सेना में जाकर करेंगे देश सेवा
 नादौन की उप तहसील कांगू के साथ लगते गांव मालग के सीआरपीएफ में हवलदार राजवीर सिंह को पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री अवार्ड की घोषणा होने से परिवार समेत पूरे इलाके में खुशी की लहर है। राजवीर के दोनों बेटों ने कहा कि वह भी बड़े होकर भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते हैं। राजवीर की इस उपलब्धि पर माता सुनीता देवी, भाई रजनीश ठाकुर, राजवीर की पत्नी रेणु वर्मा, बेटे आदित्य और उदय सिंह बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि राजवीर मई में घर आए थे। अब अक्तूबर में घर आने की योजना बना रहे हैं। घर आने पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। राजवीर की माता सुनीता ने बताया कि उनके परिवार के अधिकतर सदस्य भारतीय सेना, पैरा मिलिट्री और हिमाचल पुलिस में हैं।
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राजवीर के पिता स्वर्गीय कुमी चंद और ताया हेमराज भी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। पिता का तीन वर्ष पूर्व देहांत हो चुका है। उनके एक भाई रजनीश ठाकुर हिमाचल पुलिस में आरक्षी हैं। राजवीर वर्तमान में राजस्थान के माउंटआबू स्थित सीआरपीएफ की आंतरिक सुरक्षा अकादमी में सेवारत हैं। यहां उनके पास फिजिक्ल इंस्ट्रक्टर का पदभार भी है। उनकी स्कूली शिक्षा गांव के स्कूल में हुई है। वह 2003 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। बुधवार को सीआरपीएफ के सम्मान समारोह में राजवीर सिंह को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति उन्हें मेडल से सम्मानित करेंगे। राजवीर का बड़ा बेटा आदित्य ठाकुर सातवीं और छोटा बेटा उदय सिंह तीसरी कक्षा में पढ़ता है। 

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