प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद मंत्री और नाहन के विधायक डा. राजीव बिंदल को गणतंत्र दिवस पर हरियाणा सरकार ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए ताम्रपत्र से सम्मानित किया। उन्हें यह सम्मान हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री नायब सैनी ने प्रदान किया।
नायब सैनी ने भव्य समारोह के दौरान बताया कि डा. राजीव बिंदल 1975 में आयुर्वेदिक महाविद्यालय कुरुक्षेत्र के छात्र थे। 25 जून, 1975 की आधी रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश पर आपातकाल की घोषणा की थी। इस दौरान प्रेस की आजादी पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था।
मीडिया की आजादी को लेकर डा. राजीव बिंदल ने इसका विरोध किया। इसका नेतृत्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने किया था। आपातकाल के दौरान अखबारों में खबरें बंद हो गई थीं। ऐसे मौके पर खबरें छापने और उन्हें घर-घर तक पहुंचाने का जिम्मा डा. बिंदल ने अन्य साथियों के साथ अपने हाथ में लिया।
हरियाणा पुलिस को यह नागवार गुजरा और उन्होंने धरपकड़ शुरू की। 1975 से 77 तक डा. बिंदल को जेल में डाल दिया गया। कहा कि आपातकाल का सामना करते हुए लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए संघर्ष को हरियाणा सरकार ने सम्मान दिया। डा. राजीव बिंदल को विशिष्ट परिचय पत्र एवं ताम्रपत्र भेंट किया गया।