वहीं विधायकों को कुफरी भेजे जाने के सवाल पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि कौन विधायक कहां गया है। उन्होंने कहा कि 16 मार्च को सभी विधायक एकजुट होकर मतदान करेंगे और कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करेंगे। चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित हुड्डा आवास पर शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे से विधायक बैठक में पहुंचना शुरू हुए। प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद जयप्रकाश, राज्यसभा प्रत्याशी कर्मवीर सिंह बौद्ध सहित सभी 37 विधायक बैठक में मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में हाईकमान का संदेश विधायकों के सामने रखते हुए उन्हें एकजुट रहने के लिए कहा गया। प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने भाजपा और आरएसएस की नीतियों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया।
पूछा गया-भाजपा से किसे आए फोन?
सूत्रों के अनुसार, बैठक में विधायकों से यह भी पूछा गया कि क्या किसी को भाजपा या उससे जुड़े लोगों की ओर से वोट मांगने के लिए फोन आए हैं। इस पर एक-दो विधायकों ने बताया कि उनके परिचितों के फोन आए थे, जो भाजपा से जुड़े हैं लेकिन उन्होंने केवल चुनाव की स्थिति के बारे में सामान्य बातचीत की। सभी विधायकों ने एकजुट होकर मतदान करने का भरोसा दिया। हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के 48 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के 37। इसके अलावा इनेलो के दो विधायक और तीन निर्दलीय विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को 31 वोटों की आवश्यकता होती है। भाजपा के पास तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन सहित कुल 51 वोट माने जा रहे हैं। ऐसे में भाजपा के उम्मीदवार संजय भाटिया तो आसानी से जीत की स्थिति में है। उसके बाद भी भाजपा के पास करीब 20 वोट बचते हैं। दूसरी सीट के लिए मुख्य मुकाबला कांग्रेस समर्थित कर्मवीर बौद्ध और निर्दलीय प्रत्याशी सतीष नांदल के बीच माना जा रहा है। नांदल को अंदरखाने भाजपा का समर्थन है। यदि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट होकर वोट करते हैं और कोई क्रॉस वोटिंग नहीं होती है तो कर्मवीर बौद्ध की जीत लगभग तय मानी जा रही है। अगर नांदल इनेलो के दो वोट हासिल करने के साथ-साथ कांग्रेस में करीब नौ वोटों की सेंध लगा लेते हैं तो समीकरण बदल जाएगा। भाजपा कहीं कांग्रेस के विधायकों पर डोरे न डाले, इसलिए कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल भेज दिया है।
सुक्खू सरकार ने बढ़ाई कांग्रेस विधायकों की सुरक्षा
क्राॅस वोटिंग से बचने के लिए राजधानी शिमला लाए गए हरियाणा के कांग्रेस विधायकों की सुक्खू सरकार ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। सोलन से शिमला तक विधायकों को पुलिस के पहरे में लाया गया। कुफरी के होटल के बाहर भी गश्त बढ़ा दी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को कांग्रेस विधायकों की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। हिमाचल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी शुक्रवार देर शाम को कुफरी में हरियाणा के कांग्रेस विधायकों से मिलने पहुंचे।
यह छह क्यों नहीं गए
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, जुलाना से विधायक विनेश फोगाट, बादली से कुलदीप वत्स, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास, टोहाना से परमवीर सिंह और पंचकूला से चंद्रमोहन बिश्नोई कुफरी नहीं गए। पांच विधायकों ने समस्या बताई। इनमें चार हुड्डा व एक सैलजा गुट के हैं।