दाड़लाघाट में ट्रक ऑपरेटरों ने किया प्रदर्शन।
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ट्रक ऑपरेटरों ने मंगलवार को अंबुजा सीमेंट परिसर के साथ बने मंढोड़ देवता के मंदिर में अदाणी को सद्बुद्धि देने, सीमेंट प्लांट में उत्पादन शुरू करने के लिए पूजा-अर्चना की। सीमेंट ढुलाई के मालभाड़े को लेकर चल रहे विवाद को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए प्रार्थना भी की। इसके बाद हलवे का प्रसाद बांटा गया। वहीं, दूसरी ओर मंगलवार को भी ट्रक ऑपरेटरों का प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान हाईवे पर जाम भी लगा रहा।
सैकड़ों ऑपरेटर अंबुजा के मुख्य द्वार पर एकत्रित हुए और अदाणी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ऑपरेटरों ने अंबुजा गेट से चलकर बस स्टैंड दाड़लाघाट तक आक्रोश रैली भी निकाली। इसके बाद अंबुजा चौक पर प्रदर्शन किया। एसडीटीओ के कोषाध्यक्ष राम कृष्ण बंसल ने कहा कि अदाणी समूह की मनमानी जारी है। अभी भी प्लांट शुरू नहीं किया गया है। मगर अब ऑपरेटर झुकेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि अदाणी से आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
सांसद कश्यप से मिले दाड़लाघाट के ट्रक ऑपरेटर, सौंपा ज्ञापन
दाड़लाघाट के ट्रक ऑपरेटरों का एक प्रतिनिधिमंडल शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप से शिमला सर्किट हाउस में मिला। ऑपरेटरों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। सीमेंट ढुलाई की दरों को लेकर छिड़े विवाद को जल्द से जल्द सुलझाने की मांग की गई। ऑपरेटरों ने सांसद को हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर मंडरा रहे संकट को गंभीरता से लेने और मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह भी किया। कश्यप ने कहा कि जल्द ही प्रदेश सरकार और सीमेंट प्लांट मालिकों से बात की जाएगी। दिल्ली में भी इस मामले को उठाया जाएगा।
बरमाणा की ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा (बीडीटीएस) की बैठक मंगलवार को धार टटोह में हुई। बैठक में बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और गुरुवार को बिलासपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मिलने का निर्णय लिया गया। वहीं, सरकार की ओर से अपनाए जा रहे ढुलमुल रवैये पर नाराजगी भी जताई गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि बीडीटीएस के पदाधिकारी मुख्यमंत्री से बुधवार को बिलासपुर या हमीरपुर में मिलेंगे। मुख्यमंत्री को ट्रक ऑपरेटरों की खस्ताहाल आर्थिक स्थित से अवगत करवाया जाएगा। साथ ही सीमेंट ढुलाई की दरों की अधिसूचना जारी करने और अदाणी समूह को प्लांट शुरू करने के लिए नोटिस देने का आग्रह किया जाएगा।
बीडीटीएस कोषाध्यक्ष सुरेश चौधरी ने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों के आंदोलन को 41 दिन हो गए हैं। ट्रक ऑपरेटर चालकों को मानदेय नहीं दे पा रहे हैं। फाइनेंस कंपनी और बैंकों से लोन की किस्त के लिए फोन आ रहे हैं। सरकार के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन परिणाम नहीं निकल पाया है। सरकार का रवैया अभी तक ढुलमुल है। सरकार ने एक बार भी अदाणी समूह को नोटिस नहीं दिया है जबकि प्लांट के बिजली, पानी कनेक्शन काटने और लीज को रद्द करने के नोटिस देकर दबाव बनाया जा सकता था। प्रधान राकेश ठाकुर ने कहा कि अब ट्रक ऑपरेटरों का सब्र टूटने लगा है। यदि जल्द प्लांट शुरू नहीं होते हैं तो आंदोलन उग्र हो सकता है।