यह खामियां खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक देखने को मिली हैं। प्रदेश सरकार द्वारा इन पांच जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सितंबर माह को पोषण अभियान के रूप में मनाया गया है। इसमें स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्र और गांवों में जाकर कुपोषण के बारे में जागरूक किया जा रहा है। पौष्टिक भोजन बनाने के तरीके बताए जा रहे हैं।
इस संबंध में हिमाचल प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक राज आचार्य ने कहा कि सर्वे के मुताबिक पांच जिलों में ज्यादा लोग कुपोषण से ग्रसित हैं। कुपोषण को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य भारत प्रेरक खुशबू महेश्वरी का कहना है कि कुपोषण को रोकने के लिए पोषण अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने माताओं को सलाह दी है कि वे बच्चे के जन्म के बाद 1000 दिन तक खानपान का विशेष ध्यान रखें।