फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: हिमाचल में क्लस्टर स्कूल बनाने के दिशा-निर्देश जारी, सर्दियों की छुट्टियों से पहले बनाना होगा प्लान

Wed, 29 Nov 2023 09:40 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

प्रदेश में संसाधनों को साझा कर और समग्र गतिविधियों के जरिये गुणात्मक शिक्षा में सुधार के लिए क्लस्टर स्कूल बनाने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 
विज्ञापन
क्लस्टर स्कूल के दिशा-निर्देश जारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश में संसाधनों को साझा कर और समग्र गतिविधियों के जरिये गुणात्मक शिक्षा में सुधार के लिए क्लस्टर स्कूल बनाने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बुधवार को शिक्षा सचिव राकेश कंवर की ओर से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 31 दिसंबर तक इस बाबत जानकारी देने को कहा है। उच्च शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इन दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। साथ ही जिलों के उच्च शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मासिक आधार पर इन दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी स्कूल इनका पालन करें। उच्च शिक्षा निदेशक सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले स्कूल क्लस्टर को रैंक देने और पुरस्कृत करने के लिए एक प्रणाली भी विकसित करेंगे।

विज्ञापन


सरकार का मानना है कि एक ही परिसर में स्थित और आसपास स्थित स्कूलों के बीच अभिसरण का अभाव है, इसलिए उपलब्ध संसाधनों का कम या उपयोग ही नहीं होता। इसलिए मामले की सावधानीपूर्वक जांच करने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि एक ही परिसर या आसपास(300 मीटर से कम दूरी के भीतर स्थित) और एक-दूसरे से 500 मीटर की दूरी पर मौजूद प्राथमिक, उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को स्कूल क्लस्टर के रूप में जाना जाएगा। राज्य में 1984 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, 960 उच्च व 1885 मिडल स्कूल हैं। प्राइमरी स्कूलों की संख्या 10,300 है। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार घोषित क्लस्टर स्कूल तत्काल प्रभाव से कार्य करना शुरू कर देंगे।

ये हैं स्कूल क्लस्टर
राज्य के ऐसे सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च व मिडल स्कूल, जिनके पास एक ही परिसर में प्राथमिक स्कूल चल रहा है। साथ ही संबंधित 500 मीटर की पैदल दूरी के भीतर स्थित प्राथमिक स्कूल भी इसमें शामिल हैं। क्लस्टर स्कूलों के प्रिंसिपल, हेडमास्टर दिन-प्रतिदिन के समन्वय  के लिए स्कूल क्लस्टर के प्रमुख के रूप में कार्य करेंगे।

विज्ञापन

सर्दियों की छुट्टियों के लिए स्कूल बंद होने से पहले बनाना होगा क्लस्टर शेयरिंग प्लान
उच्च और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक यह सुनिश्चित करेंगे कि क्लस्टर स्कूल तुरंत संसाधनों को साझा करना शुरू कर दें। सर्दियों की छुट्टियों के लिए स्कूल बंद होने से पहले क्लस्टर शेयरिंग प्लान बनाना होगा, ताकि अगली शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से संसाधनों का साझाकरण सार्थक तरीके से हो सके। प्रारंभिक और उच्च शिक्षा उपनिदेशक इन दिशा-निर्देशों के जारी होने के एक सप्ताह के भीतर बैठक करेंगे और यदि कोई स्थानीय समस्या हो तो उसका समाधान करेंगे। उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों को मासिक आधार पर संसाधन साझाकरण और सहयोग के क्षेत्र में स्कूलों की ओर की गई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए क्लस्टर प्रमुखों का मार्गदर्शन करना चाहिए।

क्लस्टर स्कूल का ये मकसद
क्लस्टर स्कूल सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए एक मॉडल समग्र शैक्षणिक संस्थान के रूप में कार्य करेंगे। संबंधित प्राथमिक मिडल, उच्च, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के स्कूल प्रमुख अपने संस्थान के संबंध में अपने प्रशासनिक कर्तव्यों का निर्वहन करना जारी रखेंगे और जारी व्यवस्था के अनुसार अपने वरिष्ठों को रिपोर्ट करना जारी रखेंगे। हालांकि, स्कूल क्लस्टर के प्रिंसिपल, हेड मास्टर, हेड टीचर व स्कूल प्रभारी समग्र क्लस्टर प्रमुख के रूप में कार्य करेंगे और क्लस्टर के भीतर शैक्षणिक और दिन-प्रतिदिन की प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी करेंगे।

प्रिंसिपल,प्रधान शिक्षक की अध्यक्षता में क्लस्टर समिति बनेगी
इस पहल को संचालित करने के लिए क्लस्टर के प्रिंसिपल/प्रधान शिक्षक की अध्यक्षता में क्लस्टर समिति नामक एक समिति होगी। इसमें स्कूल क्लस्टर में प्राथमिक/मध्य उच्च विद्यालयों के प्रमुख शामिल होंगे। यह समिति संसाधनों के बंटवारे के संबंध में हुई प्रगति की समीक्षा करने और अपने क्लस्टर को स्कूल क्लस्टर के सर्वोत्तम उदाहरणों में से एक बनाने के लिए कार्य योजना/भविष्य के कदमों का निर्णय लेने के लिए महीने में कम से कम एक बार औपचारिक रूप से बैठक करेगी। 

क्लस्टर समिति एसएमसी के परामर्श से स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) को क्लस्टर स्कूल विकास योजना, वार्षिक शैक्षणिक योजना, गतिविधियों का वार्षिक कैलेंडर तैयार करने में सहायता करेगी। समिति की ओर से प्रतिवर्ष इस योजना की समीक्षा की जाएंगी तथा आवश्यकता के अनुसार उचित परिवर्तन किए जाएंगे। यदि क्लस्टर प्रमुख को ऐसा लगता है तो एसएमसी के सक्रिय सदस्यों को क्लस्टर समिति में शामिल किया जा सकता है।

कॉमन एसएमसी का गठन होगा
क्लस्टर स्कूलों की ओर से कई विशिष्ट कदम उठाए जाएंगे। सुझाई गई गतिविधियों को सभी कलस्टर स्कूलों की ओर से अपनाया जाएगा। इसमें स्कूल क्लस्टर की ओर से कंपोजिट स्कूल के लिए कॉमन एसएमसी का गठन किया जाएगा। क्लस्टर स्कूल में प्राथमिक से 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों के लिए मॉर्निंग असेंबली होगी। हालांकि, 300 से 500 मीटर के बीच स्थित स्कूलों में मॉर्निंग असेंबली पर समिति फैसला लेगी। उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों को प्राथमिक व मिडल कक्षाओं के बच्चों का मार्गदर्शन करने के लिए लगाया जा सकता है और संयुक्त गतिविधियों को करवाया जा सकता है। क्लस्टर स्कूल में खेल मैदान, वाद्य यंत्रों, खेल संबंधी उपकरण, बहुउद्देशीय सभागार, एक्टिविटी रूम, पुस्तकालय, रीडिंग रूम, कम्प्यूटर लैब व अन्य प्रयोगशालाओं का उपयोग सभी विद्यार्थी कर सकेंगे। 

स्कूलों में प्रौद्योगिकी, डाटा प्रणाली को सक्षम करेगा स्विफ्टचैट एआई : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्विफ्टचैट एआई प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रौद्योगिकी और डाटा संचालित संस्थागत प्रणाली में सक्षम करेगा। यह केंद्र इन टूलकिट के डाटा को राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के लिए डैशबोर्ड और रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। इससे छात्र की प्रगति, शिक्षक प्रशिक्षण और स्कूल के समग्र प्रदर्शन संबंधी डाटा उपलब्ध होगा। वास्तविक समय में प्रतिक्रिया, सुधार के आधार पर शिक्षक, शिक्षण संबंधी रणनीतियों में सकारात्मक बदलाव किया जाएगा, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी को सीखने के अवसर दिए जा सकें।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की अभिनव पहल विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में निर्णायक कदम है। वीएसके विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण का ज्ञान देता है, जिससे उनकी वैश्विक सामग्री और जानकारी तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित होती है। चैटबॉट पर साप्ताहिक अभ्यास विद्यार्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर उत्तर और जानकारी पूर्ण वीडियो के साथ पाठ्यक्रम के अनुरूप उन्हें विषयों को सुदृढ़ करने में मदद करता है। इससे शिक्षक समयबद्ध शिक्षण सामग्री तैयार कर सकते हैं और विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड का त्वरित अध्ययन करने के साथ-साथ उनकी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें