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हिमाचल को लगेगा 4000 करोड़ रुपये का झटका

Fri, 12 Feb 2021 02:28 PM IST
अरविन्द ठाकुर सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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एक साल बाद हिमाचल प्रदेश के लिए जीएसटी मुआवजे का हनीमून पीरियड खत्म होने वाला है। इससे हिमाचल को करीब 4000 करोड़ रुपये का सीधा झटका लगेगा। राजस्व घाटा अनुदान इसके अलावा घटेगा। ऐसे अगले वित्तीय वर्ष में हिमाचल की अर्थव्यवस्था के और भी डांवाडोल होने की आशंका है। राज्य योजना बोर्ड की बैठक में यह चिंता राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों और विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सामने जताई है।

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ऐसा होने पर केंद्र सरकार से अगर हिमाचल को अलग से नया आर्थिक पैकेज नहीं दिया तो चुनावी वर्ष में जयराम सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राज्य योजना बोर्ड की बैठक में वित्त और योजना विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष विस्तार से प्रस्तुति दी।

बुधवार को हुई इस बैठक में प्रोजेक्टर पर आंकड़ों को प्रदर्शित करते हुए यह साफ किया गया है कि जीएसटी के लागू होने के बाद नए टैक्स लगाने के कानून का अब कोई अस्तित्व नहीं रह गया है। जीएसटी मुआवजे के साथ हनीमून की अवधि खत्म होने जा रही है। जुलाई 2022 के बाद हिमाचल को सीधे 4000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। यानी कुल बजट का सात प्रतिशत अभी जीएसटी मुआवजा मिलता है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार यह आगे नहीं मिलेगा।
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वार्षिक बजट का ऐसे होता है प्रबंध
- राज्य के अपने संसाधन         20 प्रतिशत
- कर्ज की बजट में हिस्सेदारी    20 प्रतिशत

केंद्रीय सहायता
- राजस्व घाटा अनुदान             20 प्रतिशत
- टैक्स डिवॉल्यूशन                   9 प्रतिशत
- सीएसएस                              9 प्रतिशत
- जीएसटी अनुदान                    7 प्रतिशत
- स्थानीय निकाय ग्रांट                1 प्रतिशत
- ईएपी                                      1 प्रतिशत

बजट के लिए प्रचुर आर्थिक मदद लाने दिल्ली गए मुख्यमंत्री
- बजट के लिए प्रचुर आर्थिक मदद लाने को वीरवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वह केंद्रीय मंत्रियों से केंद्र से वित्तपोषित योजनाओं पर स्थिति स्पष्ट करेंगे। वह छह मार्च को इस वित्तीय वर्ष का बजट पेश करने जा रहे हैं। हिमाचल की नजर केंद्र की बैसाखी पर ही टिकी हुई है।

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