जिला परिषद के चुनाव में शिमला और कुल्लू ने कांग्रेस की लाज बचा ली है। हालांकि, कांग्रेस यह मानकर चल रही थी कि सिरमौर और सोलन जिला परिषद में भी कांग्रेस अपना झंडा लहराएगी, लेकिन यहां पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। जिला परिषद के वार्ड सदस्यों के चुनाव नतीजों के बाद से कांग्रेस नेता आश्वस्त थे कि चार जिलों सोलन, सिरमौर, शिमला और कुल्लू में कांग्रेस जीत हासिल करेगी।
चारों जिला परिषदों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष कांग्रेस बनाने में कामयाब होगी, लेकिन सोलन और सिरमौर में भाजपा ने कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सोलन में दो कांग्रेस सदस्य भाजपा की शरण में चले गए थे। सिरमौर जिला परिषद में मुकाबला करीबी बना हुआ था। यहां भी भाजपा ने जिप पर कब्ज करने में सफलता हासिल की।
शिमला जिला परिषद में कांग्रेस का संख्या बल ज्यादा था, लेकिन भितरघात की आशंका यहां भी बनी हुई थी। भाजपा के एक मंत्री और विधायक ने जिला परिषद पर कब्जा करने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। गत बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से कांग्रेस सदस्य मिलने के लिए भेजे गए थे।
इसके बाद कांग्रेस शिमला जिप अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने में सफल हुई। कुल्लू जिले में भाजपा के बागियों ने जिप पर कांग्रेस का कब्जा करने का रास्ता काफी आसान बनाया। हालांकि, बागी अब कांग्रेस में आने के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने में सफल रहे हैं।