समदो में तैनात बीआरओ 108 की टीम को कुंजुम दर्रा व इससे आगे सड़क की बहाली में खूब पसीना बहाना पड़ा। खराब मौसम और बर्फीली हवाओं ने सड़क बहाली के अभियान को प्रभावित किया। इसके बावजूद बीआरओ के जवान व अधिकारी डटे रहे।
चीन की सीमा से सटी स्पीति घाटी को कुंजुम के रास्ते जोड़ने वाले सामरिक मार्ग ग्रांफू-काजा-समदो में अब वाहन सरपट दौड़ते हुए नजर आएंगे। करीब सात महीने बाद ग्रांफू-समदो मार्ग के दोनों छोर आपस में मिला दिए गए हैं। लेकिन वाहनों की आवाजाही को लेकर अभी दो से तीन दिनों तक इंतजार करना होगा। समदो में तैनात बीआरओ 108 की टीम को कुंजुम दर्रा व इससे आगे सड़क की बहाली में खूब पसीना बहाना पड़ा।
विज्ञापन
खराब मौसम और बर्फीली हवाओं ने सड़क बहाली के अभियान को प्रभावित किया। इसके बावजूद बीआरओ के जवान व अधिकारी डटे रहे। गौर रहे कि पिछले साल तीन नवंबर को यह मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया था। कुंजुम दर्रा बंद रहने से स्पीति घाटी के लोगों को कुल्लू, मनाली आने के लिए जलोड़ी व करसोग के रास्ते सफर करना पड़ रहा था। लेकिन अब जनजातीय क्षेत्र स्पीति घाटी के बाशिंदों को मनाली, कुल्लू व लाहौल की ओर आने में दिक्कतें नहीं आएंगी।
इस रूट से होते हुए स्पीति के लोग महज सात से आठ घंटे में काजा से अटल टनल रोहतांग होते हुए मनाली पहुंचेंगे। समदो में तैनात 108 के ओसी चंद्रमा प्रसाद का कहना है कि उनके अधीन यह सड़क समदो से छोटा दड़ा तक है। ग्रांफू से छोटा दड़ा तक 32 किमी सड़क 94 आरसीसी के अधीन है। 38 बीआरटीएफ के कमांडर उमा शंकर ने कहा कि दोनों छोर मिला दिए गए हैं। मार्ग में अभी लोग आवाजाही न करें। दो तीन दिन में सड़क पूर्ण रूप से यातायात के लिए बहाल की जाएगी।