प्रदेश में 23441 मिड डे मील वर्करों द्वारा 5,49,818 बच्चों के लिए रोजाना भोजना बनाया जाता है। स्कूलों में दिए जाने वाले भोजन के लिए निदेशालय द्वारा सप्ताह के सभी दिनों के लिए अलग से मेन्यू तैयार किया गया है।
अब सोशल आडिट के माध्यम से केंद्र सरकार मिड डे मील पर किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से भी नजर रखना चाहती है। इसके चलते ग्राम सभाआें को सोशल आडिट के लिए चुना गया है। मिड डे मील पर नजर रखने के लिए स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) की मदद भी ली जाएगी।
जल्द ही निदेशालय द्वारा सभी स्कूलों में बनाई गई एसएमसी के प्रधानों को एक रिकार्डिड वॉयस कॉल की जाएगी। इस कॉल के माध्यम से एसएमसी प्रधानों को स्कूलों में दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए जागरूक किया जाएगा।