कांग्रेस पार्टी की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है : कश्यप
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कांग्रेस पार्टी की सरकार ने राज्यपाल को आंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस पर ना बुलाने पर मोर्चा खोला। उन्होंने कहा कि आज भारतीय संविधान के रचनाकार भारत रत्न डाॅ. भीमराव आंबेडकर की महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर पूरा देश उनको नमन कर रहा है। डॉ. अंबेडकर जिन्होंने सदा ही समाज में समानता और समरसता को विशेष स्थान दिया और कानून के सामने सब लोग एक हैं, एक समान हैं इस विचार के साथ दलितों, शोषित, वंचितों के लिए उन्होंने जो लड़ाई लड़ी और पूरा देश उनको नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर आगे चलने का प्रयास कर रहा है, लेकिन बहुत खेद का विषय है कि हिमाचल प्रदेश में जहां विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, सरकारी कार्यक्रम आयोजित किए गए लेकिन प्रदेश के प्रथम नागरिक राज्यपाल को किसी भी कार्यक्रम का न्योता ना दिया जाना कांग्रेस पार्टी की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।
नगर निगम शिमला के द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया ,अन्य कार्यक्रम हुए, सरकारी कार्यक्रम हुए, प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सम्मिलित हुए लेकिन राज्यपाल को किसी भी कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया। यह सीधे-सीधे जो संकीर्ण मानसिकता कांग्रेस सरकार की है उसको दर्शाता है। सरकार बार-बार राज्यपाल को लेकर अनेक प्रकार के गंभीर आरोप लगाने का प्रयास करती है। प्रदेश में कोई भी बिल राज्यपाल के पास लंबित नहीं पड़ा है और प्रदेश को लेकर महामहिम का सदा ही बड़ा सकारात्मक रुख रहा है। राज्यपाल का पद एक सांविधानिक व्यवस्था है, आज प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है लेकिन जिस प्रकार से कांग्रेस के नेता हर मामले में राजनीति करने का प्रयास करते हैं, वह प्रदेश के हित में नहीं है। दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने को है और दो वर्ष में कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश को 10 साल पीछे धकेलने का काम किया है।