राज्यपाल आचार्य देवव्रत्त ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश को पहाड़ की तरह देश का सिरमौर बनाना है। पर्यटन, जैविक कृषि और अन्य क्षेत्र में प्रदेश नंबर वन होना चाहिए। हिमाचल में देसी गाय की नस्लें लाई जाएगी। नौणी और पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में इन पर अनुसंधान होगा।
देसी नस्ल की गायों का दूध और गोबर-गोमूत्र अन्य नस्लों की अपेक्षा अधिक लाभकारी है। वह नम्होल में कामधेनु हितकारी मंच के वार्षिक समारोह में उपथित किसानों और पशुपालकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गो माता को बेसहारा छोड़ना गंभीर समस्या है। यह अभिशाप बन गया है।
कामधेनु संस्था ने किसानों को जोड़कर जिस तरह वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। जो सराहनीय है। देवव्रत ने कहा कि हिमाचल के लोगों को जीरो बजट कृषि अपनानी चाहिए। दक्षिण भारत के 40 लाख किसान जीरो बजट खेती को अपना रहे हैं। यह बहुत सरल है।
दस किलोग्राम गोबर, गौमूत्र को 200 लीटर पानी में डालने के बाद उसमें एक किलोग्राम पुराना या नया गुड़ और किसी भी दाल का बेसन डालकर घुमाएं। इसके बाद इसका खेतों में छिड़काव करें। उन्होंने कहा कि 200 लीटर का घोल 11 एकड़ के लिए काफी है। उन्होंने देसी नस्ल को बढ़ावा देने पर बल दिया।
देसी गाय के एक ग्राम गोबर में 300 और गोमूत्र में 500 करोड़ जीवाणु होते हैं, जो जमीन की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाते हैं। उनके पास 200 देसी नस्ल की गाय है। गुरुकुल में पढ़ रहे 1400 छात्रों को इन्हीं का दूध पिलाया जाता है।
राज्यपाल देवव्रत ने किया किसानों को सम्मानित- कामधेनु हिमकारी मंच का वार्षिक समारोह बुधवार को धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादकों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली प्रतिभाओं को संस्था की ओर से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। 7,42, 235 रुपये की राशि वितरित की गई। कोठीपुरा के आदर्श बोहरा एवं उनकी पत्नी को 30296, नवगांव के सीता देवी एवं प्रेम कुमार को 24255, समाड़ी के चंपा देवी एवं धर्मपाल को 1751, नम्होल के जया देवी एवं जीत राम को 15834, स्याहूला के निर्मला देवी एवं बाबू राम को 15630, पट्टा-नोईडुआ के निर्मला देवी एवं धनी राम को 14084, दवारी के नगीन चंद को 13613,
लुहारड़ा के कौशल्या देवी और रविंद्र कुमार को 10831, समाड़ी के शिव देई और मनसा राम को 10305, अर्की के केशव राम को 9345, नंदलाल अर्की को 8810 पंजैतण के कांता देवी और प्रकाश चंद को 8768 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके अलावा सामाजिक, कृषि, बागवानी, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में कार्य करने के लिए कई हस्तियों को सम्मानित किया गया।
इनमें नागेश ठाकुर, सुनील कुमार शर्मा, हरिमन शर्मा, शंकर दास कौंडल, गगन मल्लिक, इंजीनियर पुरुषोत्तम शर्मा आदि शामिल हैं। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि वर्ष 2001 में आठ-दस परिवारों के 35-40 लीटर दूध एकत्रिकरण से संस्था शुरू की गई थी।
आज संस्था के साथ नम्होल क्षेत्र के आसपास की करीब 30 पंचायतों के 200 गांव के करीब 2700 किसान परिवार जुड़े हुए हैं। कामधेनु संस्था की संपत्ति की कुल कीमत पांच करोड़ रुपये है, लेकिन इससे भी बड़ी उपलब्धि यह है कि आज इन सभी किसान परिवारों का भरोसा हम पर है। हम उपभोक्ता का विश्वास जीतने में भी कामयाब हुए हैं। कार्यक्रम में श्री नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा, एडीएम डा. चांद शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
नेशनल विंटर स्पोर्ट्स का रंगारंग आगाज- नेशनल विंटर स्पोर्ट्स का बुधवार को बिलासपुर में शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने ध्वजारोहण के साथ इसका शुभारंभ किया। राज्यपाल ने देश भर के 20 राज्यों से आए विशेष 500 खिलाड़ियों से मार्चपास्ट की सलामी ली। राज्यपाल ने कहा कि नेशनल गेम्स के विजेता खिलाड़ी मार्च 2017 में आस्ट्रिया में विश्व शीतकालीन खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इस मौके पर स्पेशल ओलंपिक भारत की उपाध्यक्ष डा. मल्लिका नड्डा, उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर, सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक विदेश्वर पाठक, राष्ट्रीय निदेशक कार्ड इंडिया डा. क्षमा मैत्रे, स्पेशल ओलंपिक भारत के सीईओ सेवानिवृत्त एयर मार्शल डैंजिल किलर, प्रदेश भाजपा महामंत्री रणधीर शर्मा मौजूद रहे।
विशेष खिलाडिय़ों को किया सम्मानित- राज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम चमकाने वाले चेतना संस्था के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। गीता देवी, राजेंद्र, पवन कुमार, सुशील, पूजा कुमारी, अनीता कुमारी, पूजा शर्मा, सुनील कुमार, विनोद, राकेश कुमार, अमित कुमार तथा अनिल कुमार, परमजीत सत्यदेव, हरप्रीत, विरेंद्र कुमार, अजय गोयल तथा अंकुर को सम्मानित किया गया।