स्वामी दयानंद सरस्वती को सांस्कृतिक तौर पर समृद्ध भारतवर्ष का प्रणेता माना जाता है। स्वामी जी द्वारा दी गई संस्कृति एवं अध्यात्म पर आधारित नैतिक मूल्यों की शिक्षाएं वर्तमान परिप्रेक्ष में और अधिक प्रासंगिक हैं।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने यह बात रविवार को नई दिल्ली के ज्वाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित स्वामी दयानंद सरस्वती के जन्म दिवस समारोह के अवसर पर कही। समारोह का आयोजन डीएवी कॉलेज प्रबंधन समिति नई दिल्ली ने आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली के सहयोग से किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थित में आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सामाजिक-आर्थिक उत्थान की विभिन्न नीतियां एवं कार्यक्रम आरंभ किये हैं। उन्होंने आर्य समाज संगठन से इन कार्यक्रमों एवं नीतियों के कार्यान्वयन में सहयोग करने तथा सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।
उन्होंने समाज में प्रशंसनीय सेवाओं के लिए डीएवी तथा आर्य समाज के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हर शिक्षण संस्थान का यह दायित्व है कि वे ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करें जो राष्ट्र निर्माण में अपना पूर्ण योगदान दे सकें।
इससे पहले आर्य समाज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पूनम सूरी ने राज्यपाल को सम्मानित किया। इस अवसर पर आर्य समाज और डीएवी संस्थानों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में देश के विभिन्न भागों से आए विद्यार्थी भी उपस्थित थे।