होटल कारोबारियों से बातचीत करते मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार पर्यटक बसों, टैंपो ट्रेवलर और वाणिज्यिक पर्यटक वाहनों पर लगने वाले विशेष पथ कर यानी एसआरटी व अन्य करों को कम करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एसआरटी के दृष्टिगत हाल ही में जारी अधिसूचना को संशोधित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। सुक्खू ने पर्यटन कारोबारियों से आग्रह किया कि वह पर्यटन गतिविधियों में विद्युत चालित वाहनों का उपयोग सुनिश्चित कर प्रदेश को हरित राज्य बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। शिमला होटल्ज एंड टूरिज्म स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहेंद्र सेठ ने मुख्यमंत्री को विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने यह बात वीरवार को ओकओवर शिमला में एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल से भेंट के दौरान कही। सुक्खू ने कहा कि सरकार शीघ्र ही होम-स्टे नीति लाने जा रही है। पर्यटकों की सुविधा के लिए टूरिस्ट हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी और इसे 1100 हेल्पलाइन से जोड़ने पर भी विचार किया जाएगा।
राज्य में सड़क संपर्क के साथ-साथ हवाई सेवाएं भी सुदृढ़ की जा रही हैं। सभी जिलों को हेलीपोर्ट से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। सरकार शिमला में एक और हेलीपोर्ट के निर्माण पर भी विचार कर रही है। पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने से ही राज्य में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा और प्रति वर्ष पांच करोड़ पर्यटकों का लक्ष्य पूरा हो पाएगा। प्रदेशवासियों और पर्यटकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए चरणबद्ध तरीके से यूवी या अल्ट्रा फिल्टरेशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, विधायक संजय रतन, चंद्रशेखर, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, पूर्व विधायक सोहन लाल, एसोसिएशन के महासचिव बलजीत सिंह और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
नवंबर में होगी एसोसिएशन की इंटरेक्शन मीट : सेठ
शिमला होटल एंड टूरिज्म स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने बताया कि नवंबर में शिमला मे एक स्टेक होल्डर इंटरेक्शन मीट करने का कार्यक्रम तैयार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन को दोबारा से पटरी पर लाना है। इसके अलावा पर्यटकों संख्या बढ़ाना, पर्यटकों के रुकने की अवधि को बढ़ाना, रोजगार के अवसर और सरकार का राजस्व बढ़ाना तथा पर्यटन अनुकूल माहौल बनाने पर फोकस रहेगा।