पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद शांता कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार क्लीन चिट देना छोड़े और नियमों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में सड़क हादसों सहित अन्य हादसों में इजाफा नियमों का सख्ती से पालन न होने से हो रहा है।
लारजी डैम में पानी छोड़ने से हुआ हादसा प्रशासनिक गलतियों का नतीजा है। उन्होंने मामले में जांच पूरी हुए बिना मुख्यमंत्री की ओर से हादसे के जिम्मेवार अधिकारियों को क्लीन चिट देने की आलोचना की।
कहा कि सरकार सड़क पर गलती करने वालों के लाइसेंस रद्द करने और 15 से 20 दिन कैद का कानून बनाए। तभी लापरवाह चालक सुधरेंगे। लापरवाह अधिकारियों पर भी सख्ती करने की जरूरत बताई।
प्रदेश में पानी की कमी न होने के बावजूद जनता पानी के लिए परेशान है। यह सब मशीनरी की नाकामी से हो रहा है। अगर सरकार में वर्क कल्चर, एफिशिएंसी और एकाउंटेविलिटी होगी तो इस तरह की दिक्कतें नहीं आएंगी। उन्होंने चंबा के राजमहल में कॉलेज शिफ्ट होने पर आर्ट्स कॉलेज खोलने की जरूरत बताई है।
विकास को टकराव टाले सरकार
शांता कुमार ने वीरभद्र सरकार को विपक्ष से टकराव की स्थिति छोड़ प्रदेश के विकास में केंद्र का सहयोग करने की अपील की। कहा कि चुनाव के समय की भाषा एवं कड़वाहट भूलनी होगी, तभी प्रदेश का विकास हो सकता है।
सांसद अपने-अपने क्षेत्र की जो योजनाएं बनाकर दें, सरकार को उसका सहयोग करना होगा। प्रदेश सरकार जो योजनाएं केंद्र को भेजेगी, वे उन्हें मंजूर करवाने में सहयोग देंगे।