हिमाचल प्रदेश के 11वीं और 12वीं कक्षा वाले सरकारी स्कूलों में स्मार्ट सुविधाएं दी जाएंगी। विद्यार्थियों की अच्छी संख्या, इंटरनेट सुविधा और बेहतर अधोसंरचना वाले स्कूलों से इसकी शुरूआत होगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने समग्र शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक में इस बाबत अधिकारियों को निर्देश दिए। दूसरे चरण में आठवीं से दसवीं कक्षा और इसके बाद सातवीं से पहली कक्षा तक यह बदलाव किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को ओकओवर में समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी सरकारी संस्थानों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले चरण में सरकारी विद्यालयों में 11वीं और 12वीं कक्षाओं में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
ये कक्षाएं स्मार्ट क्लासरूम उपकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट फर्नीचर से सुसज्जित होंगी। सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से कक्षाओं की आंतरिक सज्जा (इंटीरियर) में भी सुधार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को इस सुविधा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विद्यार्थियों की अच्छी संख्या, इंटरनेट सुविधा और बेहतर अधोसंरचना वाले स्कूलों की पहचान करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विशेष रूप से राज्य के दूरदराज क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में व्यापक सुधार पर विशेष बल दे रही है ताकि इन संस्थानों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके। सरकार ने इस बार के बजट में शिक्षा क्षेत्र पर विशेष बल दिया है। इन्हीं प्रयासों के तहत प्रत्येक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में पुस्तकालय कक्ष स्थापित किए जाएंगे।
इस वर्ष सरकारी स्कूलों को 40 हजार आधुनिक डेस्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा पद्धति में सुधार और बच्चों को आधुनिक माध्यमों से शिक्षा उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत 17 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सरकारी शिक्षण संस्थानों के मेधावी विद्यार्थियों को और अधिक प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।
बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश रेपसवाल, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा सहित कई विधायक मौजूद रहे।