आईजीएमसी अस्पताल को 110 स्टाफ नर्सें मिल गई हैं। हाल ही में प्रदेश में 258 स्टाफ नर्सिज को नियुक्त किया है। इतनी स्टाफ नर्सिज मिलने के बाद भी अस्पताल में करीब साढ़े तीन सौ पद रिक्त रहेंगे लेकिन इनके मिलने से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की कुछ उम्मीद जग गई है।
मौजूदा समय में करीब साढ़े तीन सौ स्टाफ नर्सिज अपनी सेवाएं दे रही हैं। स्टाफ की कमी के चलते कार्य का बोझ अधिक है। कई विभागों में एक वार्ड में एक स्टाफ नर्सों को संभालना पड़ता है। नियम के मुताबिक छह मरीज पर एक स्टाफ नर्स का होना जरूरी है।
हाल ही में सरकार ने 258 स्टाफ नर्सिज की नियुक्तियां की हैं। 75 स्टाफ नर्सें को वार्ड सिस्टर के पद पर पदोन्नत किया है। आईजीएमसी अस्पताल में नर्सिज एसोसिएशन लंबे समय से रिक्त पड़े पदों की मांग करती रही है लेकिन बरसों से इन्हें आश्वासनों का झुनझुना ही मिलता रहा।
वहीं आईजीएमसी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि 110 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति यहां के लिए हुई हैं। यहां से कुछ स्टाफ नर्सें, वार्ड सिस्टर के पद पर भी पदोन्नत हुई हैं।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
ट्रेंड नर्सिज एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति वालिया और आईजीएमसी की अध्यक्ष उर्मिल गुलेरिया ने 258 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति और 75 वार्ड सिस्टर के पदों पर पदोन्नति के लिए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य निदेशक का आभार जताया है। उर्मिल गुलेरिया ने कहा कि आईजीएमसी में नई नियुक्ति होने से स्टाफ नर्सों का कार्यभार कुछ कम होगा।