पूर्व सीएम और वर्तमान में कांगड़ा से भाजपा सांसद शांता कुमार से जुड़े विवेकानंद मेडिकल रिसर्च ट्रस्ट समेत हिमाचल की 21 संस्थाएं अब विदेशों से आर्थिक सहायता नहीं ले सकेंगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्क्रीनिंग के दौरान औपचारिकताएं पूरी न होने पर विदेशी सहायता विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) में इन संस्थाओं का पंजीकरण रद्द कर दिया है।
इनमें विवेकानंद ट्रस्ट के अलावा सेंट बीड्स कॉलेज शिमला, शिमला सेनेटोरियम एंड हॉस्पिटल, एजूकेशन सोसाइटी विद्या निकेतन, सेंट जॉन चर्च इन द वाइल्डरनेस, तिब्बतियन क्राफ्ट कम्युनिटी फॉर द प्रोग्रेस भी शामिल हैं। विवेकानंद ट्रस्ट पालमपुर में दो बड़े अस्पताल चला रहा है। शांता कुमार इस ट्रस्ट के प्रमुख हैं।
हालांकि, विवेकानंद ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द करने का कारण कई सालों से विदेशी मदद न मिलना बताया जा रहा है। ट्रस्ट के तहत कायाकल्प अस्पताल के प्रशासक डा. आशुतोष गुलेरी के अनुसार हो सकता है कि इसी वजह से पंजीकरण रद्द किया गया हो। इसे उस वक्त पंजीकृत करवाया गया था, जब धर्मगुरु दलाईलामा से आर्थिक मदद मिली थी। उस समय यह पंजीकरण जरूरी था।
इनका भी पंजीकरण रद्द
भाजपा सांसद शांता कुमार
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हिमाचल से जुड़ी जिन संस्थाओं का पंजीकरण रद्द किया गया है उनमें भारतीय ग्लोबल डेवलपमेंट चेरिटेबल ट्रस्ट, आनंदा सोसाइटी, पर्वतीय कृषि एवं ग्रामीण विकास संस्थान, अपलिफ्टमेंट थ्र्रू ह्यूमन एक्शन, इंटरनेशनल सहज पब्लिक स्कूल सोसाइटी, एचपी ह्यूमन
वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन, सेंट पॉल हाई स्कूल, अंकुर वेलफेयर एसोसिएशन, कांगड़ा महिला सभा, कुल्लू रोटरी एसोसिएशन, कासावीजा, हिमाचल मानव सेवा, देवभूमि हिमाचल डेवलपमेंट फाउंडेशन, लोकहित संस्थान और स्टेट सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन भी शामिल हैं।
मोदी सरकार कर रही कड़ी निगरानी
कुछ संस्थाओं ने पंजीकरण का नवीकरण नहीं करवाया तो कुछ संस्थाएं कड़े नियमों के तहत जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर पाने के कारण भी नप रही हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने विदेशों से आर्थिक मदद लेने वाली संस्थाओं की निगरानी पहले से कड़ी कर दी है।