गूगल ब्वाय कौटिल्य ने बुधवार को कस्तूरबा बालिका आश्रम दुर्गापुर की छात्राओं के साथ दिवाली मनाई। करीब ढाई घंटे तक कौटिल्य ने छात्राओं के सवालों के जवाब दिए।
गूगल ब्वाय कौटिल्य ने बुधवार को कस्तूरबा बालिका आश्रम दुर्गापुर की छात्राओं के साथ दिवाली मनाई। करीब ढाई घंटे तक कौटिल्य ने छात्राओं के सवालों के जवाब दिए। संभव चैरिटेबल सोसायटी ने आश्रम में यह आयोजन किया।
इस दौरान कौटिल्य ने संभव चैरिटेबल सोसायटी की ओर से आश्रम की 63 छात्राओं को शॉल, स्वेटर और दिवाली की मिठाइयां भी बांटी। छात्राओं ने इतनी कम उम्र में इतनी जानकारी एकत्र करने का राज पूछा तो कौटिल्य ने कहा कि जानने की जिज्ञासा से ही यह संभव हुआ है।
कौटिल्य ने कहा कि जीवन में हमेशा सीखने की कोशिश करते रहना जरूरी है। पूरी उम्र भी सीखने के लिए कम है और सीखी हुई कोई भी अच्छी बात जीवन में कभी न कभी काम आती है। कौटिल्य ने कहा कि जो उनके टीचर और पेरेंट्स उन्हें बताते हैं, वह उस बात को जरूर मानते हैं।
जीवन में आगे बढ़ने के लिए बड़ों की बात मानना बहुत जरूरी है। सोसायटी की अध्यक्ष कौशल्या कंवर ने कहा कि दिवाली के मौके पर कौटिल्य से मुलाकात करवाने का मकसद सिर्फ छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कौटिल्य के पिता सतीश शर्मा ने कहा कि छात्राओं से मिलना वाकई हमारे लिए भी दीवाली के मौके पर वास्तविक सुख दे गया। आश्रम की अधीक्षक निर्मला देवी ने संभव चैरिटेबल सोसायटी के प्रयास की सराहना की।