देवताओं ने दीं भगवान रघुनाथ को शक्तियां
- फोटो : संवाद
देवी-देवताओं के महाकुंभ कहे जाने वाले अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के छठे दिन सोमवार को मोहल्ला मनाया गया। मोहल्ला के दिन दशहरा में एक बार फिर देवमिलन का अनूठा नजारा देखने को मिला। लाव-लश्कर के साथ देवताओं ने भगवान रघुनाथ के दरबार में शीश नवाया। इसके बाद राजा की चानणी के पास गए। मंगलवार को भगवान रघुनाथ लंका पर चढ़ाई करेंगे। लंका पर चढ़ाई से पहले देवी-देवताओं ने भगवान रघुनाथ को शक्तियां प्रदान की हैं। मोहल्ला के दिन दशहरा उत्सव में हजारों की भीड़ उमड़ी। इससे पहले दोपहर तक देवताओं के देवमिलन का सिलसिला शुरू हो गया था। कई देवता देवमिलन के लिए एक दूसरे के शिविरों में गए। भगवान रघुनाथ के दरबार में दिनभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। तीसरे पहर भगवान रघुनाथ के शिविर में माता हिडिंबा का रथ पहुंचते ही मोहल्ला का आगाज हो गया।
इसके बाद सैकड़ों देवी-देवताओं ने हाजिरी लगाई। इस दौरान पूरा ढालपुर मैदान ढोल नगाड़ों की स्वरलहरियों ने गूंज उठा। देवमिलन की परंपरा का निर्वहन करने के बाद सभी देवता अपने-अपने अस्थायी शिविरों में विराजमान हो गए। मंगलवार सुबह देवी-देवताओं की विशेष पूजा होगी। इसके बाद आनी, निरमंड, सैंज, बंजार आदि क्षेत्रों के कई देवता अपने देवालयों के लिए रवाना हो जाएंगे। कुछ देवता लंका दहन की परंपरा को पूरा करने के बाद लौटेंगे। खास बात यह रही मोहल्ला के दिन लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। देवमिलन के समय ढालपुर मैदान में तिल धरने की जगह नहीं थी। भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि मोहल्ला के दिन सभी देवता भगवान रघुनाथ के दरबार में हाजिरी भरते हैं।