माघी त्योहार पर बुधवार को हिमाचल के सिरमौर जिले के ट्रांसगिरि इलाके में हजारों बकरे काटे जाएंगे। गिरिपार क्षेत्र के 43 हजार परिवार दशकों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करेंगे। एक परिवार में यदि एक बकरा भी काटा गया तो इस लिहाज से भी करीब 40 करोड़ रुपये से अधिक के बकरे काटे जाने का अनुमान है।
अमूमन ट्रांसगिरि के कई परिवारों में दो-दो बकरे काटे जाने की परंपरा भी है। जनपद सिरमौर के ट्रांसगिरि इलाके के साथ-साथ उत्तराखंड का जोंसार बाबर भी इस त्योहार को इसी दिन मनाएगा। उल्लेखनीय है कि इस त्योहार के साथ लोगों की धार्मिक आस्था भी जुड़ी है। इस दिन काली माता के नाम पर बकरा काटे जाने के साथ-साथ हलवा व अन्य प्रसाद भी चढ़ाया जाता है।
दशकों पुरानी इस रीत को आज भी गिरिपार इलाके में धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। बकरे के साथ-साथ कई जगह सूअर व खड्डू को भी काटा जाता है। सिरमौर के ट्रांसगिरि क्षेत्र की पंचायतों के लगभग 43,000 परिवार इस त्योहार को मनाएंगे।