कालका-शिमला विश्व धरोहर रेलवे ट्रैक पर सनवारा फाटक पर वीरवार सुबह 9:45 बजे 250 यात्रियों से भरी अपमिक्स ट्रेन का इंजन हांफ गया। फाटक पर ट्रेन थमी तो कालका-शिमला नेशनल हाईवे-22 पर भी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप्प हो गई।
इस वजह से नेशनल हाइवे के दोनों तरफ पांच किमी तक लंबा जाम लग गया। सैकड़ों सैलानी और यात्री जाम और ट्रेन खराब होने से फंसे रहे। करीब ढाई घंटे बाद कंडाघाट से नया इंजन पहुंचा, जिसके बाद कहीं जाकर दोपहर 12:12 बजे ट्रेन को फाटक से हटाने के बाद हाइवे बहाल हुआ।
हेरिटेज रेलवे ट्रैक पर चलने वाली अपमिक्स ट्रेन सुबह साढ़े आठ बजे कालका स्टेशन से शिमला के लिए रवाना हुई। महज 13 किमी का सफर तय करने के बाद रेल फाटक पर खराब हो गई। रेलवे विभाग की मानें तो इसमें पानी के टैंकर लदे थे।
नहीं स्टार्ट हुआ इंजन
पेयजल किल्लत को देखते हुए रेलवे वर्कर क्वार्टर सनवारा में रेल पानी की सप्लाई देने के लिए रुकी थी। पानी देने के बाद ट्रेन का इंजन स्टार्ट ही नहीं हो पाया और ट्रेन फाटक पर फंस गई। शिमला की तरफ से आने वाले वाहनों की कतारें धर्मपुर तक देखने को मिली।
ट्रैक पर रेल कार का समय भी प्रभावित रहा। कालका से करीब तीन घंटे देरी के बाद रेल कार शिमला के लिए भेजी गई। ट्रैफिक चक्की मोड़ से डायवर्ट कर वाया भोजनगर जोहड़जी से नाहन मार्ग से होकर कुम्हारहट्टी से एनएच 22 पर जोड़ा गया।
वाहनों को करीब 30-35 किमी फेर काटना पड़ा। वहीं, शिमला-सोलन से ओर से आने वाले वाहनों को धर्मपुर वाया कसौली-परवाणू होकर गुजारा गया। इससे दफ्तर पहुंचने वालों को भी परेशान होना पड़ा और लेट पहुंचे।
डेढ़ माह में तीसरी बार हांफा इंजन
डेढ़ माह में ट्रैक पर तीन रेल इंजन हांफ चुके हैं। 28 मई को कंडाघाट के पास रेलकार का इंजन हांफ गया था। वहीं 28 मई को गुम्मा रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर रेल का इंजन जवाब दे गया था। इस ट्रैक पर दौड़ने वाले पांच में से तीन इंजन 40 साल पुराने हैं।
सेल्फ के कारण आई खराबी: इंचार्ज
कालका-शिमला रेल ट्रैक के सेक्शन इंचार्ज दिनेश शर्मा ने बताया कि इंजन के सेल्फ में आई खराबी के कारण ट्रेन खराब हुई है। करीब 12:12 बजे कंडाघाट से भेजे गए दूसरे इंजन की मदद से शिमला के लिए ट्रेन रवाना की गई।