हिमाचल के ऊपरी शिमला के सेब बहुल इलाकों में बागवान इन दिनों सेब बगीचे में एंटी हेलनेट लगाने में जुटे हैं। मत्याना, ठियोग, संधू, फागू, कुफरी, कोटखाई और कुमारसैन क्षेत्र के बगीचों में सेटिंग का काम शुरू हो गया है। ऊपरी इलाकों में फ्लावरिंग का सीजन है, लेकिन मौसम के बदले मिजाज के चलते बागवानों ने ओलों के डर से जालियां लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। इस बार सेब पौधों पर नेट लगाना बागवानों के लिए मुश्किल हो रहा है। लॉकडाउन की वजह से हिमाचल में नेपाली मजदूरों का आना बंद है। ऊपरी शिमला में हर साल करसोग तथा आनी क्षेत्रों से एंटी हेलनेट लगाने वाले विशेषज्ञ भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
ठियोग के रजाना महोग के बागवान नरेश ठाकुर, सोनू ठाकुर, ईश्वर ठाकुर, मत्याना के विनोद चंदेल, राहुल, वीरेंद्र चंदेल, बृजमोहन, फागू के दिनेश चंदेल, सुरेंद्र ठाकुर, रामस्वरूप शर्मा और अजय ठाकुर ने बताया कि नेपाली मजदूरों की कमी और जाली लगाने आने वाले विशेषज्ञ लोगों के न आने से बागवानों को भारी परेशानी हो रही है। स्वयं यह काम करने में दोगुना समय लग रहा है। बागवान एक-दूसरे की मदद से ही ओला अवरोधक जालियां लगाने में जुटे हैं। बागवानों का कहना है कि इस साल हुई भारी बर्फबारी से ओलावृष्टि की काफी कम संभावना है, लेकिन एहतियात के तौर पर एंटी हेलनेट लगाना जरूरी है।