हिमाचल प्रदेश में डाक विभाग की ग्रामीण शाखाओं में फर्जी दस्तावेज पर नौकरी दिलाने वाला गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह पैसे लेकर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करता है। बाद में नौकरी पाने के लिए युवा फर्जी प्रमाण-पत्र की जाली अंकतालिका प्रस्तुत कर आवेदन करते हैं। हाल ही में सीबीआई शिमला शाखा ने फर्जी मार्क्सशीट पकड़ी थी। इस मामले में आरोपियों में पूछताछ में यह खुलासा हुआ। सीबीआई को आशंका है कि फर्जी मार्क्सशीट बनाने वाला यह गिरोह राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, बिहार में भी काम कर रहा है। वर्ष 2019 से उब तक हिमाचल में 200 से ज्यादा फर्जी मार्क्सशीट के मामले सामने आ चुके हैं।केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शिमला की अदालत से हरियाणा के जिला चरखी दादरी निवासी आरोपी ओमवीर के निवास की तलाशी के लिए सर्च वारंट हासिल किया है। ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ सर्च वारंट के लिए सत्र न्यायालय आवेदन किया था। अब अदालत ने सीबीआई को 19 मई तक इसकी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।