हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिला में ताजा बर्फबारी हुई है। दो दिनों से लगातार हुई बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मनाली-लेह मार्ग, कुल्लू-मनाली हाइवे-तीन, मणिकर्ण-बरशैणी के साथ कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग में भारी भूस्खलन के कारण यातायात अवरूद्ध हो गया है। जबकि बंजार के जिभी में एक कैफे में बाढ़ का पानी घुसने से एक व्यक्ति बह गया है।
मणिकर्ण-बरशैणी सड़क में भूस्खलन की चपेट में आने से एक पर्यटक घायल हो गया है। तेलंगाना निवासी 22 वर्षीय राघव को उपचार के लिए जरी अस्पताल लाया गया है। वहीं टापू पुल के लिए बनाई सड़क का बाढ़ के चलते नामोनिशान मिट गया है। जबकि सड़कें बंद होने से मनाली में बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के सैकड़ों अनुयायी व पर्यटक फंस गए हैं। औट-बंजार-सैंज हाइवे 305 पर भी भारी भूस्खलन के साथ जिला में 50 से ज्यादा सड़कों पर यातायात पूरी तरह से अवरूद्ध है। पागलनाला में बाढ़ आने से सड़क बंद होने से सब्जियों की कई गाडिय़ां बीच सड़क में फंस गई है। न्यूली में प्रोजेक्ट का एक पुल बाढ़ से बह गया है।
भारी बारिश के बाद ब्यास नदी के रौद्र रूप को देखकर मनाली से लेकर बजौरा तक ब्यास किनारे रहने वाले सैकड़ों लोग चैन की नींद नहीं सो पाए। पतलीकूहल के दर्जनों लोगों ने दूसरों के घरों में शरण लेकर रात बिताई। जबकि बारिश से सेब तुड़ान प्रभावित हुआ है तथा सड़कें बंद होने से कुल्लू में व्यापारियों द्वारा खरीदा गया करोड़ों का सेब सड़कें बंद होने से फंस गया है। सड़कें बाधित होने के बाद फिलहाल बागवानों ने भी सेब तुड़ान का कार्य बंद कर दिया है। छरूडू के समीप सड़क बंद होने से लेफ्ट बैंक की दर्जनों पंचायत के बागवानों की समस्याएं बढ़ गई हैं। ब्यास व इसकी सहायक नदियां उफान पर हैं।