विपिन सिंह परमार, स्वास्थ्य मंत्री (फाइल फोटो)
हिमाचल सरकार ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के अध्यक्ष को प्री-मैच्योर रिटायरमेंट देने से मना कर दिया है। विभागाध्यक्ष के खिलाफ मरीजों का चेकअप न करने के आरोप की जांच चल रही है।
इस बीच उन्होंने प्री-मैच्योर रिटायरमेंट के लिए आवेदन किया था, लेकिन सरकार ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने विभागाध्यक्ष के खिलाफ चल रही जांच की फाइल डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजूकेशन (डीएमई) को भेज दी है। अब उन्हें मामले में फैसला लेना है।
आरोप है कि ऑर्थोपेडिक्स विभाग के अध्यक्ष ने मरीजों को देखने से मना कर दिया। मामले की छानबीन करने के लिए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी को जांच का जिम्मा सौंपा। मरीजों से भी पूछताछ की गई। जांच अधिकारी ने विभागाध्यक्ष से भी अपना पक्ष रखने को कहा।
विभागाध्यक्ष ने सरकार को लिखित में जवाब दिया कि उन्होंने किसी भी मरीजों को चेकअप करने से मना नहीं किया है। अब जांच अधिकारी ने मामले की छानबीन पूरी कर ली है। फाइल स्वास्थ्य शिक्षा के निदेशक को भेजी है। उधर, आईजीएमसी ऑर्थोपेडिक्स विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि उन्होंने प्री-मैच्योर रिटायरमेंट के लिए आवेदन किया है।
ऑर्थोपेडिक्स विभाग के अध्यक्ष पर मरीजों का चेकअप न करने का आरोप है। मामले की जांच चल रही है। विभागाध्यक्ष ने रिटायरमेंट के लिए आवेदन किया है, इस मामले को टाल दिया गया है।
- विपिन सिंह परमार, स्वास्थ्य मंत्री